Mirzapur News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि जिन लोगों की शादी नहीं हो पा रही है, उन लोगों को बातों में फंसाकर शादी कराने का वादा करते थे. इसके लिए उनसे पहले ही पैसे की डिमांड की जाती थी, फिर मिर्जापुर बुलाया जाता था. यहां पहुंचने वाले आरोपियों ने शादी कराने से मना करते हुए झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर फरार हो जाते थे.
मिर्जापुर की कोतवाली देहात पुलिस ने शादी कराने के नाम पर ठगी और जबरन वसूली करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा 1.30 लाख रुपये होल्ड कराए हैं . घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन और एक अर्टिगा कार भी बरामद की है. दरअसल, राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ के रहने वाले पुष्पेंद्र ने 29 जून को तहरीर देकर बताया कि उसके दो रिश्तेदारों की शादी कराने के बहाने उन्हें 28 जून को थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के लोहंदी कला स्थित हनुमान मंदिर बुलाया गया था.
शादी के नाम पर ठगी का खुलासावहां शादी का झांसा देकर उनसे ठगी की गई और जान से मारने की धमकी देकर जबरन रुपये वसूले गए. पुलिस ने केस दर्ज करते हुए लोहंदी कला क्षेत्र से लवकुश यादव, गुड़िया यादव, राधा कोल, दीपक पाल और राजेन्द्र कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. जांच में सामने आया है कि पश्चिम यूपी और राजस्थान के इन लोगों को जाल में फंसाते थे, जिनकी किसी कारण शादी नहीं हो पा रही है. ऐसे लोगों से संपर्क कर शादी कराने के नाम पर पहले तो पैसे ऐंठते थे और फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देते थे.
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ये होता था ठगी का प्लानअपर पुलिस अधीक्षक नीतेश सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कहा उनका गिरोह राजस्थान समेत अन्य राज्यों के लोगों को शादी कराने का झांसा देकर मिर्जापुर बुलाता था. यहां फर्जी शादी का नाटक रचकर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर ऑनलाइन और नकद रुपये वसूल ले लेते थे.