आज की तेज़-रफ्तार जिंदगी में मोबाइल और टीवी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। कई लोगों की आदत ऐसी हो गई है कि वे बिना मोबाइल पर वीडियो देखे या टीवी चलाए खाना ही नहीं खाते। उन्हें लगता है कि इससे समय भी कट जाता है और भोजन का आनंद भी बढ़ जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन करते समय स्क्रीन पर ध्यान लगाना शुभ नहीं माना जाता। यह आदत न केवल स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक समृद्धि पर भी प्रभाव डाल सकती है।
भोजन को माना गया है अन्नपूर्णा का प्रसादहिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में भोजन को मां अन्नपूर्णा का प्रसाद माना गया है। इसलिए भोजन करते समय मन को शांत, एकाग्र और कृतज्ञ रखना चाहिए। यदि व्यक्ति खाना खाते समय मोबाइल या टीवी में व्यस्त रहता है, तो उसका ध्यान भोजन से हट जाता है। मान्यता है कि इससे अन्न का सम्मान कम होता है और घर में सुख-समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ता है असरविशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रीन देखते हुए खाना खाने से व्यक्ति जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेता है, क्योंकि उसका ध्यान खाने की मात्रा पर नहीं रहता। इससे मोटापा, अपच, गैस, एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा भोजन को अच्छी तरह चबाकर न खाने से शरीर को आवश्यक पोषण भी पूरी तरह नहीं मिल पाता।
परिवार के रिश्तों पर भी पड़ सकता है प्रभाववास्तु शास्त्र के अनुसार, परिवार के साथ बैठकर भोजन करने से आपसी प्रेम, संवाद और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन यदि हर सदस्य मोबाइल या टीवी में व्यस्त रहे, तो पारिवारिक संवाद कम होने लगता है। धीरे-धीरे रिश्तों में दूरी और भावनात्मक जुड़ाव की कमी महसूस हो सकती है।
भोजन करते समय रखें इन बातों का ध्यानवास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस वातावरण में भोजन किया जाता है, उसका प्रभाव व्यक्ति के मन, शरीर और घर की ऊर्जा पर पड़ता है। इसलिए भोजन करते समय सकारात्मक माहौल बनाए रखना, शांत रहना और भोजन पर पूरा ध्यान देना शुभ माना गया है।