आईसीसी और क्रिकेट समीक्षकों की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, द ओवल में खेले गए इस करो या मरो के सेमीफाइनल मैच में एशले गार्डनर ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मैच-विजेता साबित हुईं। टॉस हारकर पहले गेंदबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए गार्डनर ने अपनी ऑफ-स्पिन का ऐसा जाल बुना कि कैरेबियाई बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों में महज 13 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिससे वेस्टइंडीज की टीम 125 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई।
इसके बाद जब 126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट जल्दी गंवा दिए और एलीस पेरी भी चोटिल होकर मैदान से बाहर चली गईं, तब गार्डनर ने क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने कप्तान बेथ मूनी के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और महज 20 गेंदों में ताबड़तोड़ नाबाद 35 रनों की पारी खेलकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। अपनी इस पारी में उन्होंने शानदार पुल शॉट्स और गगनचुंबी छक्के जड़े, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने केवल 13 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। गेंद और बल्ले दोनों से मैच का पासा पलटने वाली एशले गार्डनर को उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अब लॉर्ड्स में होने वाले ग्रैंड फिनाले में भी कंगारू टीम को उनसे इसी तरह के चमत्कारी प्रदर्शन की उम्मीद होगी।