केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत मांगने के मामले में हरियाणा कैडर के 2012 बैच के IPS अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है. वह इस समय दिल्ली स्थित ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे. CBI ने इस मामले में जांच के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की.
CBI ने इस मामले में 8 जून 2026 को दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच के दौरान सामने आया कि IPS अधिकारी दीपक गहलावत ने अवैध रिश्वत की मांग की थी. उन्होंने दावा किया था कि वह अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल कर उन निजी व्यक्तियों को राहत दिला सकते हैं, जिनके खिलाफ पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही थी.
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रिश्वत मांग का आरोप
CBI के अनुसार, जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी IPS अधिकारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का भरोसा देकर रिश्वत की मांग की थी. एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने कहा था कि वह जांच से जुड़े मामलों में राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं. इसी आधार पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की गई.
पहले हुई थीं गिरफ्तारियां
इस मामले में CBI पहले ही दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत छह अन्य निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है. कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि और 90 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. इसके अलावा जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए थे.
कई जगह छापेमारी
CBI ने आरोपी IPS अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है. एजेंसी इन सभी सबूतों की जांच कर रही है. CBI ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है. एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
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