पंजाब की लीची पहली बार ओमान को निर्यात की गई, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम: पीयूष गोयल
Indias News Hindi July 02, 2026 09:43 PM

New Delhi, 2 जुलाई . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Thursday को बताया कि पंजाब के होशियारपुर स्थित उम्मत एग्री एलाइड कोऑपरेटिव सोसायटी की ताजी लीची पहली बार ओमान को निर्यात की गई है.

Union Minister गोयल ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत मिले बाजार अवसरों का लाभ उठाते हुए यह निर्यात किया गया है.

गोयल ने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, कृषि निर्यात को गति देने और भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के प्रयासों की भी सराहना की.

पिछले महीने पीयूष गोयल ने उत्तराखंड की प्रसिद्ध देहरादून लीची के पहली बार इटली निर्यात होने का भी स्वागत किया था. उन्होंने कहा था कि इससे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजारों के नए दरवाजे खुलेंगे.

उन्होंने एक्स पर लिखा था, “देवभूमि की लीची अब इटली की पसंद बन गई है. एपीईडीए के सहयोग से उत्तराखंड की प्रसिद्ध देहरादून लीची का पहली बार इटली को निर्यात किया गया है.”

गोयल ने कहा था कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है और किसानों को बेहतर आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं.

देहरादून की लीची अपनी प्राकृतिक मिठास, आकर्षक लाल रंग, मनमोहक खुशबू और बेहतरीन गूदे के लिए जानी जाती है. यहां रोज सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रसिद्ध किस्मों की खेती होती है.

इससे पहले असम की प्रसिद्ध तेजपुर लीची का पहला निर्यात Dubai भेजा गया था, जिसने पूर्वोत्तर India के फल उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खोले.

सोनितपुर जिले के तेजपुर क्षेत्र में उगाई जाने वाली यह लीची अपनी मिठास, सुगंध और रसीले गूदे के लिए देश भर में प्रसिद्ध है.

तेजपुर लीची को वर्ष 2014 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग भी मिला था, जिसने इस क्षेत्र की विशेष जलवायु और गुणवत्ता को आधिकारिक मान्यता प्रदान की.

डीबीपी

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