
jaipur, 2 जुलाई . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने Thursday को नगर निगम के एक जमादार को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया.
यह ट्रैप jaipur नगर निगम में उस समय लगाया गया, जब आरोपी पर 2 लाख रुपए की मांग कर प्रॉपर्टी लीज डीड (पट्टा) बनवाने का आरोप था. फिलहाल एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है.
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई Thursday दोपहर jaipur नगर निगम में की गई.
आरोपी की पहचान रामसिंह यादव (28) के रूप में हुई है, जो सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का निवासी है. वह jaipur नगर निगम के हवा महल-आमेर जोन के लीज डीड (पट्टा) शाखा में जमादार के पद पर तैनात था.
शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि उसके पिता के नाम पर एक लीज डीड (पट्टा) लंबे समय से नगर निगम में लंबित थी.
शिकायत के अनुसार, वह काफी समय से नगर निगम कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहा था ताकि लीज डीड जारी हो सके.
इसी दौरान आरोपी ने फाइल को आगे बढ़ाने के बदले 2 लाख रुपए की मांग की. शिकायत की पुष्टि और रिश्वत की मांग की जांच के बाद एसीबी ने ट्रैप लगाया.
Thursday दोपहर शिकायतकर्ता को आरोपी के पास 50,000 रुपए की पहली किस्त लेकर भेजा गया.
जैसे ही रामसिंह यादव ने पैसे लिए, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया. आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की जांच चल रही है.
इससे पहले एसीबी jaipur ईकाई ने Monday (29 जून) को jaipur नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में उप आयुक्त कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित रूप से 80,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.
शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने jaipur नगर निगम (सिविल लाइंस जोन) में अपने पुराने जर्जर मकान को गिराकर नया भवन बनाने की अनुमति के लिए आवेदन किया था.
करीब चार महीने बाद संपत्ति पर लगी सील हटा दी गई और बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल के निर्माण की अनुमति दे दी गई.
3 जून 2026 को आरोपी जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल कथित रूप से निर्माण स्थल पर पहुंचे और सील दोबारा लगाने, सुरक्षा कर्मी तैनात करने और निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी.
आरोप है कि आरोपियों ने 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी, जो उनके और तत्कालीन उप आयुक्त सुनील बैरवा की ओर से मांगी गई थी, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा जारी रह सके.
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एएमटी/एबीएम