संसद के मानसून सत्र में महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी
newzfatafat July 03, 2026 05:42 AM

मानसून सत्र के दौरान, सरकार कई महत्वपूर्ण बदलावों की योजना बना रही है। संसद में विपक्ष की स्थिति में बदलाव आ रहा है, जो सत्र के दौरान और स्पष्ट होगा। यदि सरकार 130वें संविधान संशोधन विधेयक और अप्रैल में पेश हुए 131वें संशोधन विधेयक को पारित करने में सफल होती है, तो यह देश की राजनीतिक और संवैधानिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा। पिछली बार विपक्ष ने एकजुट होकर 131वें संशोधन को रोक दिया था, लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिख रहा है।


यदि ये विधेयक पारित होते हैं, तो यह देश की राजनीति में बुनियादी बदलाव लाएगा। पिछले प्रयास में सरकार को दो तिहाई बहुमत नहीं मिल सका था, जिसके कारण नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन नहीं हो सका। इस बार सरकार का लक्ष्य दो तिहाई बहुमत जुटाना है।


यदि सरकार बहुमत नहीं जुटा पाती है, तो वह बहुमत के आंकड़े को घटाने का प्रयास कर सकती है। विपक्ष की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है, जिससे यह संभावना बढ़ रही है कि सरकार इस बार विधेयक पारित करवा लेगी। लोकसभा और राज्यसभा में सरकार की स्थिति में सुधार हुआ है, खासकर तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के टूटने के कारण।


यदि 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित किया जाता है, तो यह जनगणना के आंकड़ों के बजाय पूर्व की जनगणना के आधार पर परिसीमन की अनुमति देगा। इससे लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी।


सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विधेयक में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जा रही है। इस बार, एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी, जिसमें एससी और एसटी को आरक्षण मिलेगा, लेकिन ओबीसी के लिए अलग से आरक्षण नहीं होगा।


सरकार परिसीमन आयोग का गठन कर सीटों की संख्या और उनकी भौगोलिक संरचना को बदलने का अधिकार प्राप्त करेगी। चूंकि परिसीमन आयोग का अध्यक्ष सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा, इसलिए भाजपा की भूमिका इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी।


130वें संविधान संशोधन विधेयक में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री या किसी मंत्री को गंभीर मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वह 30 दिन तक जेल में रहता है, तो वह स्वतः पदमुक्त हो जाएगा। यह कानून विपक्ष के नेताओं के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।


यदि 130वां और 131वां संशोधन विधेयक पारित होते हैं, तो यह न केवल संवैधानिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाएगा, बल्कि संसद में सरकार का वर्चस्व भी बहाल करेगा। इसके बाद, 'एक देश, एक चुनाव' का विधेयक पारित करना भी सरकार के लिए आसान हो जाएगा।


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