रूस ने गुरुवार सुबह तक 11 घंटे तक चले ड्रोन और मिसाइल हमले में कीव को निशाना बनाया. इसमें शहर के कम से कम 21 आम नागरिकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. मॉस्को का कहना है कि यह हमला रूसी तेल ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों का बदला लेने के लिए किया गया था. जिसके बाद यूक्रेन की राजधानी जोरदार धमाकों से दहल गई. कीव मेट्रो के अनुसार, अधिकारियों द्वारा हवाई हमले की चेतावनी जारी करने के बाद 50,000 से ज़्यादा लोगों ने सबवे स्टेशनों में शरण ली. बचाव कर्मियों ने दिन भर मलबे में दबे लोगों की तलाश की. कई अपार्टमेंट इमारतें ढह गई थीं और जलकर खाक हो गई थीं.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह बमबारी यूक्रेन द्वारा हाल ही में की गई लंबी दूरी की हमलों की बौछार का जवाब थी. इन हमलों के कारण ईंधन की भारी कमी हो गई है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ा है.
तेल रिफाइनरियों को बनाया निशानारूस के अंदर यूक्रेन के लगातार हमलों, जिन्हें जेलेंस्की ने 40 दिन का ‘ब्लिट्ज’ (तेज हमला) कहा है, ने खासकर तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है. इससे ईंधन का संकट पैदा हो गया है, जिससे वे रूसी लोग परेशान हैं जो पहले से ही युद्ध के आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं.
रूसी सेना की रफ्तार कमविश्लेषकों और पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि मॉस्को द्वारा अपने पड़ोसी देश पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के चार साल से अधिक समय बाद, हाल के महीनों में ड्रोन इंजीनियरिंग में यूक्रेन की तकनीकी प्रगति ने उसे बढ़त दिलाई है. उनका कहना है कि फ्रंट लाइन के पीछे सप्लाई रूट पर यूक्रेन के हमलों ने युद्ध के मैदान में रूसी सेना की रफ्तार कम कर दी है और उसकी प्रगति को धीमा और महंगा बना दिया है.
पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिशकीव की सेनाओं ने खासकर क्रीमिया को होने वाली सप्लाई को निशाना बनाया है. इससे 2014 में रूस द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने के बाद से ब्लैक सी प्रायद्वीप में ईंधन का सबसे बुरा संकट पैदा हो गया है. साथ ही, इससे क्रेमलिन के उस दावे को भी झटका लगा है कि मॉस्को युद्ध जीत रहा है. यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि वे पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक मॉस्को ने पलटवार ही किया है.
तुर्की में होगा NATO शिखर सम्मेलनयुद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों का, जिसमें हाल ही में ट्रंप प्रशासन की कोशिशें भी शामिल हैं, कोई नतीजा नहीं निकला है. उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की अगले हफ्ते तुर्की में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. जानकारों का कहना है कि पुतिन को लगता है कि समय उनके पक्ष में है. उन्हें लगता है कि पश्चिमी देशों का समर्थन कम हो जाएगा और रणनीतिक बमबारी के दबाव में यूक्रेन का प्रतिरोध आखिरकार टूट जाएगा.
कीव में 21 लोगों की मौतदेश की इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक, इस हमले में कीव में 21 लोगों की मौत हो गई. 90 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि राजधानी में यह खौफनाक रात थी. युद्ध से पहले यहां की आबादी लगभग 30 लाख थी. फटने वाले ड्रोन और मिसाइलों की चमक से रात रोशन हो गई और कीव में ज़ोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी. आसमान में काले धुएं का गुबार उठ रहा था और एयर डिफेंस की फायरिंग से निकली रोशनी की लकीरें हवा में दिखाई दे रही थीं.
30 से ज्यादा जगहों पर नुकसानअधिकारियों ने बताया कि शहर भर में 30 से ज्यादा जगहों पर नुकसान हुआ है, जिनमें लगभग 20 रिहायशी इमारतें शामिल हैं. कीव के रहने वाले सेरही बुडको ने बताया कि शहर के उनके इलाके में तीन या चार बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं. 24 साल के बुडको ने कहा, हम शेल्टर के अंदर थे और हमने शेल्टर को हिलते हुए महसूस किया, छत और फ़र्श, सब कुछ हिल रहा था.
कीव के डेस्नियान्स्की जिले में, लोग एक क्षतिग्रस्त नौ-मंजिला इमारत के अंदर फंस गए थे, और डार्नित्स्की ज़िले में, एक नौ-मंजिला इमारत का ज़्यादातर हिस्सा ढह गया. वहीं, यूक्रेन के मध्य निप्रॉपेट्रोव्स्क इलाके में, रूसी हमले में 7 साल की एक बच्ची की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें 11 साल की एक बच्ची भी शामिल है. ये सभी एक ही परिवार के सदस्य थे. यह जानकारी इलाके के प्रमुख ओलेक्सांद्र हंझा ने दी.
सेना से जुड़े ठिकानों पर बमबारीक्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि बमबारी सिर्फ सैन्य या सेना से जुड़े ठिकानों पर की गई थी. यूक्रेन पर रूस के हवाई हमलों में बार-बार आम नागरिकों के इलाकों को निशाना बनाया गया है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस युद्ध में 16,000 से ज्यादा यूक्रेनी नागरिक मारे गए हैं.
युद्ध के मैदान में हताहत हुए लोगों के बारे में कोई पक्का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. इस साल की शुरुआत में ‘सेंटर फ़ॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (एक थिंक टैंक) की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि दोनों तरफ 18 लाख (1.8 मिलियन) तक सैनिक मारे गए, घायल हुए या लापता हो गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर रूसी सैनिक थे.
लंबी दूरी के हथियारों और ड्रोन का इस्तेमालरूसी रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस हमले में कीव और उसके आस-पास हथियारों की फैक्टरियों और ऊर्जा सुविधाओं, तथा यूक्रेन के अन्य हिस्सों में सैन्य हवाई क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए सटीक निशाना लगाने वाले लंबी दूरी के हथियारों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि इस हमले में रूस ने कुल 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे.
युद्ध के दौरान यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता बेहतर हुई है, खासकर रूसी ड्रोन का मुकाबला करने में. लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना मुश्किल है. रात भर दागी गई मिसाइलों में से लगभग एक-तिहाई बैलिस्टिक मिसाइलें थीं.
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने अप्रैल में कहा था कि देश की हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां सेना की 75% तक ज़रूरतें पूरी करती हैं. लेकिन उन्होंने और यूक्रेन के दूसरे अधिकारियों ने सहयोगी देशों से और पैट्रियट सिस्टम देने की अपील की है, जो रूसी हवाई हमलों से सबसे अच्छी सुरक्षा देते हैं.
रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक पर हमलायूक्रेन की सेना ने मॉस्को के पूर्व में निजनी नोवगोरोड इलाके में रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक पर रात में हमला किया, जिससे वहां आग लग गई. यह जानकारी यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने दी. साथ ही, यूक्रेन की सेना ने रूस के कब्ज़े वाले लुहान्स्क इलाके में सिवर्स्की डोनेट्स नदी पर बने रेलवे पुल पर भी हमला किया. जनरल स्टाफ के मुताबिक, रूसी सेना इस पुल का इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामान को लाने-ले जाने के लिए करती थी.