राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित अंडे फेंके जाने की घटना को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा और कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इन मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी.
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही एसआईटी को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने पर राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए. महुआ मोइत्रा ने आईएएनएस से कहा, 'छोटी मछलियों पर दबाव बनाकर शार्क को नहीं बचाया जाना चाहिए.'
मोइत्रा का इशारा इस बात की ओर था कि कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित न रहे बल्कि यदि बड़े नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि एसआईटी को अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि बड़े मगरमच्छों को बचाया जा सके.
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यूसीसी पर सवाल
पश्चिम बंगाल में यूसीसी को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोज झा ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या इससे बंगाल के युवाओं को नौकरी मिल जाएगी? क्या इससे आय की असमानता खत्म हो जाएगी.'
महुआ विवाद गरमाया
उधर, महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अंडे और सब्जियां फेंके जाने के आरोप पर मनोज झा ने कहा, 'अगर राजनीति का स्वरूप ऐसा हो गया कि चुनाव हारने के बाद जीतने वाली पार्टी को सब कुछ करने का लाइसेंस मिल जाए, तो आज अंडे फेंके गए हैं, कल पत्थर भी फेंके जा सकते हैं.'
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा, 'महुआ मोइत्रा केवल आरोप नहीं लगा रहीं बल्कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है. आज अंडों से हमला किया गया है, कल पिस्तौल से भी हमला हो सकता है. पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. एक महिला जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला बेहद शर्मनाक है और पूरा नारी समाज इसका जवाब देगा.'