चोरियां बेकाबू हो गई हैं और ट्रेनों में चोरी के मामले भी बढ़ने लगे हैं। ऐसा ही एक चोर ग्वालियर में रंगे हाथों पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक चोर को भीड़ ने एक महिला के गहने चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसे जानवरों की तरह पीटना शुरू कर दिया। स्टेशन पर मौजूद ज़्यादातर लोग चोर को मारने के लिए ही जमा हुए थे। कुछ ने चोर के कपड़े पकड़ लिए तो कुछ ने उसे लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान चोर का परिवार भी मौके पर मौजूद था। अपने पिता को पिटता देख छोटी बच्ची रोने लगी और यह सीन देखकर यूज़र्स इमोशनल हो गए। आइए जानते हैं घटना के बारे में डिटेल में।
वीडियो में क्या हुआ?
मिली जानकारी के मुताबिक, चोर, उसकी पत्नी और उनके छोटे बेटे समेत पूरा परिवार ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मौजूद था। इस समय चोर ने एक महिला के सोने के झुमके और कुछ सामान चुराने की कोशिश की। इस चोरी के दौरान कुछ यात्रियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और फिर स्टेशन पर ही चोर की बुरी तरह पिटाई की गई। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई और सबने अपना गुस्सा निकालने के लिए पकड़े गए चोर को पीटना शुरू कर दिया। एक ने उसकी पैंट पकड़ ली जबकि दूसरा फिल्मी स्टाइल में ऊपर-नीचे कूदकर चोर को पीटने लगा।
बच्चा इमोशनल हो गया
इस पिटाई के दौरान कुछ देर बाद चोर की पत्नी बच्चे के साथ बीच-बचाव करने आई। उसने भीड़ से रुकने और अपने पति को न पीटने की रिक्वेस्ट की। चोर ने अपने बच्चे को गोद में लिया और लोगों से अपनी गलती के लिए माफी मांगी। हालांकि, बच्चा यह सब हंगामा देखकर बहुत डर गया और वहीं रोने लगा। इसके बाद लोगों ने अपनी पिटाई बंद कर दी और चोर को GRP/RPF के हवाले कर दिया।
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यूज़र रिएक्शन
इस घटना का वीडियो @gharkekalesh नाम के एक एक्स अकाउंट ने शेयर किया है। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लिखा है कि 'एक चोर एक महिला से सोने की बालियां और कीमती सामान चुराते हुए पकड़ा गया। भीड़ ने उसे भागने से रोका, थोड़ी पिटाई की और फिर उसे GRP या RPF के हवाले कर दिया।
इस बीच, कई यूज़र्स ने इस घटना पर अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों का कहना है कि लोगों ने यह पिटाई सिर्फ़ अपने मज़े के लिए की, जबकि दूसरों का मानना है कि अगर वे चोरी करेंगे तो उन्हें पीटा जाएगा। एक यूज़र ने कहा, “चेन चुराने वाले को इतनी बुरी तरह पीटा जाता है, तो करोड़ों चुराने वाले IAS अफ़सरों और नेताओं का क्या?”, दूसरे यूज़र ने लिखा, “यह सच में बहुत दर्दनाक है…लोग इंसाफ़ के लिए नहीं बल्कि सिर्फ़ अपने मज़े के लिए मार रहे थे”, एक और यूज़र ने लिखा, “हर कोई सोचता है कि जब कैमरा दिखेगा, तो वे किसी को पकड़कर अपना गुस्सा निकाल लेंगे; लेकिन जब कोई इंसान सच में किसी दूसरे की जान ले रहा होता है, तो ये ‘बहादुर’ कायर बीच में आने की हिम्मत भी नहीं करते, क्योंकि उन्हें पता होता है कि वे वहाँ ऐसा नहीं कर पाएँगे”।