भारत ने दिया अफगानिस्तान का साथ तो खुलकर पाकिस्तान के सपोर्ट में उतरा अमेरिका, काबुल के पलटवार को बताया आतंकी हमला
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 01:43 PM

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रुक-रुक कर जारी हिंसक झड़पों के बीच US स्टेट डिपार्टमेंट खुलकर पाकिस्तान के साथ आ गया है.U.S. स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने एक बयान में कहा कि ‘वह पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले से खुद को बचाने के अधिकार का समर्थन करता है. पाकिस्तानियों को आतंकवादियों के हाथों बहुत नुकसान हुआ है.’

फरवरी में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भयंकर संघर्ष छिड़ गया था. 21 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पकतीका और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए. इसके जवाब में अफगान सेना ने भी पाकिस्तान पर जवाबी हमले शुरू कर दिए. इसके बाद से लगातार अब तक दोनों देशों के बीच हिंसक झड़पें होती रही हैं.

पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में अफगानिस्तान के 28 लोग मारे गए

यूनाइटेड नेशंस ने सोमवार को कहा कि अफगानिस्तान के साथ बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से 27 जून को किए किए गए एयरस्ट्राइक में कम से कम 28 आम लोग मारे गए और 49 घायल हुए. पाकिस्तान की यह कार्रवाई कराची में हुए सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर 3 पाकिस्तानी जवान मारे जाने के बाद की. पाकिस्तान ने इस हमले के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट ‘जमात-उल-अहरार’ को जिम्मेदार ठहराया था.

दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर

27 जून के हमले के बाद अफगानिस्तान के तालिबान ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने पाकिस्तानी इलाके में एयरस्ट्राइक की. वहीं, इस्लामाबाद ने कहा कि उसकी सेना ने बलूचिस्तान में चार शुरुआती ड्रोन को रोककर मार गिराया. इसके बाद अफगानिस्तान के तीन प्रांतों पक्तिया, पक्तिका और कुनार में हवाई हमले किए गए. तालिबान के हथियारों और गोला-बारूद के भंडारों को नष्ट किया. फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. तालिबान ने पाकिस्तान के हमले का बदला लेने की कसम खाई है.

वाशिंगटन ने पाकिस्तान की तरफदारी की

अब वाशिंगटन ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हमले की तरफदारी की है. उसने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले से खुद को बचाने के अधिकार का समर्थन करता है. इसका साफ अऱ्थ है वाशिंगटन अफगान तालिबान को एक आतंकवादी ग्रुप मानता है. इसके अलावा पाकिस्तान वॉशिंगटन का एक बड़ा नॉन-NATO सहयोगी है. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद से वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं. पाकिस्तान ईरान के साथ U.S.-इजराइल युद्ध को सुलझाने की कोशिशों में भी एक बिचौलिया रहा है.

पाकिस्तान अफगानिस्तान पर लगाता रहा है ये आरोप

बता दें कि इस्लामाबाद, अफगानिस्तान पर अक्सर उन मिलिटेंट्स को पनाह देने का आरोप लगाता, जिन्हें वह अपने यहां हुए हमले के लिए जिम्मेदार मानता है. उधर अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है. उसका कहना है कि मिलिटेंसी पाकिस्तान की अंदरूनी समस्या है. पाकिस्तान अपनी सुरक्षा की नाकामियों का दोष दूसरों से हटा रहा है.

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