पटना से दिल्ली सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में… जानिए बिहार बुलेट ट्रेन का पूरा प्लान, क्या होगा रूट?
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 08:43 PM

Bihar Bullet Train: बिहार के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. यह देश के सात नए प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स में शामिल है. परियोजना पूरी होने के बाद बिहार से दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी की यात्रा का समय कई गुना कम हो जाएगा. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से…

सबसे बड़ी राहत यह होगी कि पटना से दिल्ली की लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी महज 4 घंटे 41 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इस सफर में सामान्य ट्रेनों से 13 से 15 घंटे तक का समय लगता है. इसी तरह पटना से वाराणसी की दूरी लगभग 50 मिनट और पटना से सिलीगुड़ी का सफर केवल 2 घंटे 5 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. यह हाई-स्पीड ट्रेन लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी. परियोजना का निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेलवे मंत्रालय की देखरेख में किया जाएगा. इस कॉरिडोर के तहत देशभर में करीब 1705 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ट्रैक बिछाया जाएगा.

बिहार में करीब 400 किलोमीटर लंबा ट्रैक

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिहार में लगभग 400 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल ट्रैक बनाया जाएगा. इससे बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बीच रेल संपर्क पहले से कहीं अधिक तेज और मजबूत होगा. योजना के अनुसार, बुलेट ट्रेन का रूट बक्सर, आरा (भोजपुर), पटना, मोकामा, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा. पटना में प्रस्तावित बुलेट ट्रेन स्टेशन लगभग 40 फीट ऊंचाई पर एलिवेटेड बनाया जाएगा.

पटना, बक्सर और कटिहार में प्रस्तावित स्टेशन

रेलवे की प्रारंभिक योजना के अनुसार, हाई-स्पीड कॉरिडोर पर हर 100 से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्टेशन बनाए जाएंगे. बिहार में फिलहाल पटना, बक्सर और कटिहार में प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं. इन जगहों पर बहुत जल्द भूमि अधिग्रहण शुरू होगा. इन स्टेशनों से आसपास के जिलों के लाखों लोगों को तेज और आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार के छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी. वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे बड़े शैक्षणिक और चिकित्सा केंद्रों तक कम समय में पहुंच संभव होगी. साथ ही दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य शहरों से बिहार की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.

हवाई यात्रा का सस्ता और सुविधाजनक विकल्प

सरकार का मानना है कि कई रूटों पर बुलेट ट्रेन हवाई यात्रा का प्रभावी विकल्प बन सकती है. एयरपोर्ट तक पहुंचने, चेक-इन और सुरक्षा जांच में लगने वाले अतिरिक्त समय की तुलना में बुलेट ट्रेन शहर के बीच स्थित स्टेशनों से आसान और तेज यात्रा उपलब्ध कराएगी.

बुलेट ट्रेन पूरी तरह बिजली से संचालित होगी, जिससे डीजल और पेट्रोल आधारित परिवहन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण के दौरान और बाद में रेलवे, स्टेशन, निर्माण, लॉजिस्टिक्स, होटल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. इससे बिहार सहित पूरे पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

परियोजना पूरी होने पर आएगी परिवहन क्रांति

यदि यह परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी होती है तो बिहार देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल यात्रियों का समय बचाएगी, बल्कि निवेश, उद्योग, पर्यटन और व्यापार को भी नई दिशा देगी. आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर बिहार के विकास की तस्वीर बदलने वाली सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक साबित हो सकता है.

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