अगर स्कूलों के पास बेच रहे 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक तो हो जाएं सावधान! महाराष्ट्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 09:43 PM

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. राज्य में अब स्कूल परिसरों और उनके 500 मीटर के दायरे में स्टिंग (Sting) एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है. सरकार का कहना है कि बच्चों और किशोरों में इस पेय की बढ़ती लोकप्रियता और इसमें मौजूद कैफीन व अधिक चीनी की मात्रा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं.

स्कूलों के आसपास स्टिंग की बिक्री पर रोक

राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, जिस तरह पहले से स्कूल परिसरों में गुटखा, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद और सिगरेट की बिक्री प्रतिबंधित है, उसी तरह अब स्टिंग एनर्जी ड्रिंक को भी प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में शामिल किया गया है. यदि कोई दुकानदार स्कूल परिसर या उसके 500 मीटर के दायरे में इस पेय की बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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विधानसभा में उठा था मामला

यह मुद्दा विधानसभा में विधायक विक्रम पचपुते ने उठाया था. उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर दिलाते हुए कहा कि स्टिंग ड्रिंक में कैफीन और अधिक मात्रा में चीनी का मिश्रण होता है, जिससे बच्चों में इसकी लत लगने का खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने दावा किया कि उत्पाद के नमूनों की जांच में भी ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं.

विधायक ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ऐसे पेय पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए अलग नियम बनाए जाएंगे और क्या खाद्य एवं औषधि प्रशासन को इस दिशा में विशेष अधिकार दिए जाएंगे.

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सरकार ने दिए सख्त निर्देश

खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने विधानसभा में बताया कि विभाग को स्कूलों के आसपास स्टिंग ड्रिंक की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया है, ताकि छात्र इस तरह के पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें. मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है और स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पादों की उपलब्धता कम करना प्राथमिकता है.

बच्चों के स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस

सरकार का मानना है कि स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक लगाने से छात्रों में ऐसे पेय पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति कम होगी. साथ ही जागरूकता अभियान के जरिए बच्चों और अभिभावकों को भी अधिक कैफीन और चीनी वाले पेय पदार्थों के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी. सरकार ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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