मुज्तबा नहीं तो कौन देगा अली खामेनेई को पहली 3 मुट्ठी मिट्टी…शिया मुसलमानों में क्या है नियम?
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 08:43 PM

ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सुपुर्द ए खाक की प्रक्रिया में उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई शामिल नहीं होंगे. ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर ने सुरक्षा खतरे को देखते हुए यह फैसला किया है. इसके बाद 2 सवाल उठ रहे हैं. पहला, अगर मुज्तबा अंतिम विदाई के वक्त मौजूद नहीं रहेंगे तो दफनाने के दौरान कब्र में पहले 3 मुठ्ठी मिट्टी कौन देगा? वहीं दूसरा खामेनेई के मृतक शरीर के उत्तराधिकारी को लेकर है.

ईरान युद्ध के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेईकी हत्या 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने मिलकर कर दी थी. तब से उनके शव को सुरक्षित रखा गया था. अब अमेरिका से समझौते के बाद ईरान ने उन्हें स-सम्मान दफनाने का फैसला किया है.

कौन होगा मृतक शरीर का उत्तराधिकारी?

इमाम फाउंडेशन ने शिया धर्मगुरु अली सिस्तानी के फतवे के आधार पर एक किताब लिखी है, जिसका नाम मृत्यु और दफनाने के इस्लामी कानून है. इसके मुताबिक किसी के मरने के बाद तुरंत उस शरीर के उत्तराधिकारी की व्यवस्था की जाती है. अगर किसी शादीशुदा महिला की मौत होती है, तो उसके पति को उसका उत्तराधिकारी माना जाता है. किसी पुरुष के निधन पर उसके बेटे को उसका उत्तराधिकारी माना जाता है. उसी के जिम्मे सुपुर्द-ए-खाक की पूरी व्यवस्था होती है.

अगर किसी केस में परिवार का कोई नहीं है तो उसके करीबी रिश्तेदार को मृतक शरीर का उत्तराधिकारी माना जाता है. किसी कारणवश करीबी रिश्तेदार भी नहीं है तो पास के इमाम को उसका उत्तराधिकारी माना जाता है.

सुपुर्द-ए-खाक की पूरी प्रक्रिया क्या है?

सबसे पहले शव को नहलाने की प्रक्रिया की जाएगी. इस दौरान आवश्यक सावधानी बरतनी होती है. मसलन, शव को गर्म पानी से नहीं नहलाया जा सकता है. नहलाने के बाद पूरे शरीर में कपूर का लेप लगाया जाता है. यह लेप कितना लगाना है और कितना नहीं, यह वहां मौजूद विश्वासी तय करते हैं. शरीर को फिर से कफन में लपेटा जाता है.

इसके बाद जनाजे की नमाज की प्रक्रिया शुरू की जाती है. इमाम नमाज पढ़ाते हैं. इसके बाद कब्र में शव को काबा की तरफ मुंह करके लिटाया जाता है. फिर पहले बेटा या करीबी रिश्तेदार 3 मुठ्ठी मिट्टी डालता है. अगर कोई नहीं मौजूद है तो इमाम और विश्वासी मिट्टी डालते हैं.

खामेनेई के मामले में क्या होगा?

ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि अली खामेनेई के शव का उत्तराधिकारी कौन है. हालांकि, खामेनेई का शव पिछले 4 महीने से किसी सुरक्षित जगहों पर रखा गया था. ऐसे में यह तय है कि पहले ही उनके मृतक शरीर का उत्तराधिकारी को चुन लिया गया होगा. इतना ही नहीं, मुज्तबा के अलावा भी अली खामेनेई के और 3 बेटे हैं.

अली खामेनेई के बड़े बेटे मुस्तफा भी अभी जिंदा है. मुस्तफा एक इमाम भी हैं. दफ्न की प्रक्रिया के दौरान उनके मौजूद रहने की संभावना है.

मुज्तबा संदेश जारी कर सकते हैं

इस्लामी कानून में सुपुर्द ए खाक के बाद फातिहा पढ़ने का प्रावधान है. यह कहीं से पढ़ा जा सकता है. मुज्तबा अपने पिता की याद में फातिहा पढ़ सकते हैं. इसके अलावा शोक संदेश के तौर पर अपना बयान जारी कर सकते हैं. इस्लामी कानून में इसका भी प्रावधान है. वहीं जब मामला शांत हो जाएगा तो मुज्तबा अपने पिता के कब्र पर भी जा सकते हैं.

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