Masik Kalashtami 2026: 6 या 7 जुलाई कब है कालाष्टमी? नोट कर लें सही तारीख, पूजा विधि और महत्व
TV9 Bharatvarsh July 04, 2026 11:42 AM

Masik Kalashtami 2026 Date: हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली कालाष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. यह दिन भगवान शिव के रौद्र और साहसी रूप, भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से काल भैरव की पूजा और व्रत करने से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं. इस साल जुलाई के महीने में कालाष्टमी की सही तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा भ्रम है कि यह 6 जुलाई को है या 7 जुलाई को. आइए विस्तार से जानते हैं आषाढ़ मास की कालाष्टमी की सही तिथि, पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व.

जुलाई 2026 में कब है कालाष्टमी?

पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 7 जुलाई 2026 को दोपहर 1:24 बजे होगा और इसका समापन 8 जुलाई 2026 को दोपहर 12:21 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर व्रत और पर्व मनाने की परंपरा के अनुसार मासिक कालाष्टमी का व्रत 7 जुलाई 2026, मंगलवार को रखा जाएगा.

कैसे करें कालाष्टमी के दिन पूजा?

कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान शिव और काल भैरव का ध्यान करें. पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं, धूप, फूल, अक्षत और प्रसाद अर्पित करें. काल भैरव को काले तिल, उड़द, नारियल और मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके बाद ओम कालभैरवाय नमः मंत्र का जाप करें. यदि हो सके तो काल भैरव अष्टक का पाठ करें. शाम और रात में दोबारा दीपक जलाकर पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.

कालाष्टमी के दिन क्या करें?

इस दिन व्रत रखते हुए सात्विक भोजन करें या अपनी श्रद्धा के अनुसार निर्जल अथवा फलाहार व्रत रखें. जरूरतमंद लोगों को भोजन , कपड़े या दक्षिणा का दान करना भी शुभ माना जाता है. मंदिर में जाकर भगवान शिव और काल भैरव के दर्शन करने से भी विशेष फल मिलता है.

क्या न करें?

कालाष्टमी के दिन क्रोध, झूठ, विवाद और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. तामसिक भोजन, नशा और गलत आचरण से दूर रहकर पूरे दिन संयम और श्रद्धा के साथ भगवान की आराधना करनी चाहिए.

कालाष्टमी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में काल भैरव को भगवान शिव का बहुत ही शक्तिशाली और रक्षक स्वरूप माना जाता है. उन्हें समय के स्वामी और काशी के कोतवाल के रूप में भी पूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी के दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रहता है. ऐसा भी माना जाता है कि जिन लोगों के जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हों, शत्रुओं का भय हो या मानसिक तनाव बना रहता हो, उन्हें कालाष्टमी के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा अवश्य करनी चाहिए.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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