Bike Starting Tips : जब भी कोई बाइक स्टार्ट करता है, तो अक्सर देखा जाता है कि इंजन चालू होते ही कई लोग एक्सीलेटर घुमा कर तेज रेस देने लगते हैं. ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि ऐसा करने से इंजन जल्दी गर्म हो जाता है और बाइक अच्छी तरह चलने लगती है. आपने भी अपने आसपास कई लोगों को ऐसा करते जरूर देखा होगा. लेकिन कई लोग इस बात को लेकर भी कंफ्यूज रहते हैं कि क्या बाइक स्टार्ट करते ही रेस देना सही तरीका है या इससे इंजन पर असर पड़ सकता है. इस बारे में ऑटो एक्सपर्ट्स की अलग राय है. तो आइए जानते हैं कि बाइक स्टार्ट करते ही एक्सीलेटर खींचना चाहिए या नहीं और एक्सपर्ट क्या कहते हैं
बाइक स्टार्ट करते ही एक्सीलेटर खींचना चाहिए या नहीं?
अगर आपकी बाइक मॉर्डन फ्यूल इंजेक्शन (FI) तकनीक वाली है, तो आमतौर पर बाइक स्टार्ट करते समय एक्सीलेटर देने की जरूरत नहीं होती है. एक्सपर्ट भी कहते हैं कि इंजन स्टार्ट करते समय थ्रॉटल यानी एक्सीलेटर बंद रखने की सलाह दी गई है. स्टार्ट बटन दबाते समय एक्सीलेटर घुमाने की जगह उसे नॉर्मल स्थिति में रखना बेहतर माना जाता है.
स्टार्ट होते ही तेज रेस देने से क्यों बचना चाहिए?
कई लोग बाइक स्टार्ट होते ही तेज रेस देने लगते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसा करने से इंजन तुरंत हाई RPM पर पहुंच जाता है. इससे इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. यही कारण है कि कई वाहन निर्माता इंजन स्टार्ट होते ही तेज रेविंग करने से बचने की सलाह देते हैं.
इंजन स्टार्ट होने के बाद क्या करना चाहिए?
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंजन स्टार्ट होने के बाद उसे लगभग 30 से 60 सेकंड तक नॉर्मल आइडल पर चलने देना बेहतर होता है. इससे इंजन ऑयल सभी जरूरी हिस्सों तक पहुंच जाता है और इंजन नॉर्मल तरीके से काम करने के लिए तैयार हो जाता है.
FI और कार्ब्यूरेटर बाइक में क्या अंतर है?
आजकल आने वाली ज्यादातर बाइकों में Fuel Injection (FI) सिस्टम दिया जाता है. इसमें ECU यानी इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट खुद ही इंजन की जरूरत के अनुसार ईंधन की मात्रा तय करता है. इसलिए ऐसी बाइकों में स्टार्ट करते समय एक्सीलेटर देने की जरूरत नहीं पड़ती है. वहीं पुरानी कार्ब्यूरेटर वाली बाइकों में ठंडे इंजन के समय कई बार चोक का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि ऐसी बाइकों में भी बिना वजह बार-बार एक्सीलेटर घुमाने की सलाह नहीं दी जाती है.
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ठंडे इंजन पर तेज रेस देने से क्या नुकसान हो सकता है?
जब इंजन ठंडा होता है, तब इंजन ऑयल को सभी अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में कुछ सेकंड का समय लगता है. अगर इसी दौरान तेज रेस दी जाए, तो इंजन के अंदर मौजूद पार्ट्स पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है और उनके घिसने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए एक्सपर्ट्स ठंडे इंजन पर हाई रेविंग से बचने की सलाह देते हैं.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
अगर आपकी बाइक नॉर्मल स्थिति में है, तो इंजन स्टार्ट करते ही एक्सीलेटर घुमाने की जरूरत नहीं है. पहले बाइक को कुछ सेकंड नॉर्मल आइडल पर चलने दें और उसके बाद आराम से सफर शुरू करें. यही तरीका इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए सही माना जाता है.
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