Celina Jaitly: 14 साल बाद बड़े पर्दे पर लौट रहीं सेलिना जेटली, सिस्टर निवेदिता की बायोपिक से करेंगी कमबैक
TV9 Bharatvarsh July 04, 2026 05:43 PM

Celina Jaitly in Biopic: कभी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार होने वाली सेलिना जेटली लंबे वक्त से फिल्मों से दूर हैं. बड़े पर्दे पर उनकी आखिरी फिल्म 2012 की ‘विल यू मैरी मी’ थी, जिसमें उन्होंने कैमियो किया था. इसके बाद से ही सेलिना किसी फिल्म में नहीं नजर आईं. मगर अब 14 सालों बाद सेलिना जेटली बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं. इस बार एक्ट्रेस ने अपने कमबैक के लिए एक बेहद खास प्रोजेक्ट चुना है. खबर है कि सेलिना जल्द ही सिस्टर निवेदिता की बायोपिक में लीड रोल निभाती दिखाई देंगी.

सेलिना जेटली एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक अहम रोल में नजर आने वाली हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो वो जल्द ही राम कमल मुखर्जी की डायरेक्ट की गई बायोपिक में सिस्टर निवेदिता का किरदार निभाएंगी. इस फिलम से जुड़ी एक हालिया बातचीत में सेलिना ने इसे अपने करियर का “सबसे ज्यादा निजी सफर” बताया.

सिस्टर निवेदिता बनेंगी सेलिना

सेलिना जेटली ने इस बायोपिक को लेकर हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “राम जैसे फिल्ममेकर के साथ काम करना मेरे लिए किसी और एक्टिंग एक्सपीरियंस से अलग है. उनके जैसे डायरेक्टरों के साथ आप सिर्फ एक किरदार नहीं निभाते हैं, आप खुद को उस एरा की आत्मा बनने के लिए डेडिकेट कर देते हैं.” सेलिना आगे बताती हैं कि सिस्टर निवेदिता के साथ उनका जुड़ाव तब से ही था, जब उन्होंने स्क्रीन पर स्वामी विवेकानंद की मशहूर शिष्या का किरदार निभाने के बारे में सोचा भी नहीं था. एक्ट्रेस ने कहा , “मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि फ्यूचर में कभी मुझे ही इस रोल के लिए चुना जाएगा.”

कौन थीं सिस्टर निवेदिता?

जानकारी के लिए बता दें कि सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानंद की विदेशी शिष्या थीं, जिनका जन्म 1867 में आयरलैंड में मार्गरेट नोबल के रूप में हुआ था. उन्हें 1898 में स्वामी विवेकानंद ने ‘निवेदिता’ नाम दिया था. वो पहली बार 1895 में लंदन में उनसे मिली थीं और बाद में उनकी शिष्या बनकर भारत आ गईं. उन्हें महिला सशक्तिकरण की वकालत करने के अलावा उनके सामाजिक कार्यों के लिए भी याद किया जाता है.

“मेरे लिए बुलावे जैसा”

अपने सफर के बारे में बात करते हुए सेलिना जेटली ने कहा, “जिंदगी में चीजें आपस में इस तरह जुड़ती हैं कि उनका मतलब बाद में ही समझ आता है. यूरोप में 15 साल बिताने के बाद भारत लौटना, अपनी जड़ों और सनातन धर्म से जुड़ना, और खुद को सिर्फ एक एक्ट्रेस के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी फिर से खोजना… एक बहुत खूबसूरत बात है जो मेरे दिल को छू जाती है, मां काली आपको सजा देने के लिए नहीं तोड़तीं, बल्कि इसलिए तोड़ती हैं ताकि आपको फिर से पूरी तरह से संवार सकें. मेरे लिए ये सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि किसी बुलावे को पूरा करने जैसा है.”

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