आज के दौर में उम्र सफलता की सबसे बड़ी शर्त नहीं रह गई है. अगर लगन, सीखने की इच्छा और नई तकनीक को समझने का जुनून हो तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. इसका ताजा उदाहरण 14 वर्षीय भारतीय एंटरप्रेन्योर जैनम जैन हैं, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. दुबई के बुर्ज खलीफा से अपने स्टार्टअप का संचालन करने वाले जैनम न केवल एक युवा संस्थापक हैं, बल्कि TEDx स्पीकर, लेखक और पेटेंट होल्डर भी हैं. उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं.
कम उम्र में बनाई अलग पहचानमहज 14 साल की उम्र में भारतीय युवा जैनम जैन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं. वह दुबई के प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा स्थित कार्यालय से अपने एआई स्टार्टअप का संचालन कर रहे हैं. इतनी कम उम्र में स्टार्टअप शुरू कर ग्लोबल लेवल पर काम करना उन्हें अन्य युवाओं से अलग बनाता है.
बचपन से था कोडिंग और AI का शौकजैनम जैन को बचपन से ही कंप्यूटर, प्रोग्रामिंग और नई तकनीकों में रुचि थी. उन्होंने शुरुआती उम्र में ही कोडिंग सीखनी शुरू कर दी थी. धीरे-धीरे उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में अपनी समझ विकसित की और इसी अनुभव के आधार पर अपना स्टार्टअप शुरू किया.
AI समाधान तैयार करती है उनकी कंपनीजैनम की कंपनी स्वियाकल टेक्नोलॉजीज अलग-अलग प्रोसशंस के लिए एआई आधारित डिजिटल समाधान विकसित करती है. यह स्टार्टअप अलग-अलग उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है. जैनम स्वयं इस कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं और इसके विस्तार पर ध्यान दे रहे हैं.
105 दिनों में पूरा किया कक्षा 10 का सिलेबसजैनम ने 13 वर्ष की उम्र में केवल 105 दिनों के भीतर आईजीसीएसई कक्षा 10 का पाठ्यक्रम पूरा कर लिया था. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने व्यावहारिक टेक्निकल स्किल भी विकसित किए, जिससे उन्हें अपने स्टार्टअप की नींव रखने में मदद मिली.
TEDx स्पीकर, लेखक और पेटेंट धारकजैनम जैन की उपलब्धियां उनकी उम्र से कहीं बड़ी हैं. वह TEDx मंच पर वक्ता के रूप में अपनी बात रख चुके हैं. उनके नाम दो पेटेंट दर्ज हैं और वह एक किताब भी लिख चुके हैं. इसके अलावा उनके यूट्यूब चैनल पर 1.45 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, उन्होंने 50 दिनों में 50 किताबें पढ़ने की चुनौती पूरी की, देशभर में करीब 6,000 किलोमीटर की यात्रा की और कई उद्योग विशेषज्ञों व उद्यमियों से मुलाकात कर अपने अनुभव को समृद्ध बनाया.