गर्मी का टॉर्चर और नॉकआउट का रोमांच, पराग्वे को 1-0 से हराकर फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में, एम्बापे ने दागा विनिंग गोल
Navbharat Times July 05, 2026 09:42 AM
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में खिताब की सबसे बड़ी दावेदार फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से शिकस्त देकर अगले दौर का टिकट कटा लिया है। अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फिलाडेल्फिया भीषण हीटवेव से जूझ रहा था, जहां मैदान का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस झुलसा देने वाली गर्मी के कारण फ्रांस की टीम अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली नहीं दिखा सकी, लेकिन इसके बावजूद वे पराग्वे की रक्षात्मक दीवार को भेदने में सफल रहे। फ्रांस के गोल मशीन किलियन एम्बापे ने मैच में मिले एक पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को जीत दिलाई। इस गोल के साथ ही एम्बापे इस वर्ल्ड कप की गोल्डन बूट रेस में लियोनेल मेसी के बराबर आ गए हैं, जबकि ऑल-टाइम वर्ल्ड कप गोलस्कोरिंग रिकॉर्ड में वे मेसी से अब महज एक गोल पीछे हैं।

पहले हाफ में दिखा कछुआ चाल, हाइड्रेशन ब्रेक के बाद फ्रांस का दबदबा
38 डिग्री की भारी गर्मी में फुटबॉल खेलना किसी बड़े इम्तिहान से कम नहीं था। कोई भी टीम ज्यादा दौड़ने का जोखिम नहीं ले पा रही थी, जिससे खेल काफी धीमा हो गया। फ्रांस ने पहले हाफ में पूरी तरह से पजेशन अपने पास रखा। हाफ-टाइम से पहले जब खिलाड़ियों के लिए हाइड्रेशन ब्रेक दिया गया, तब तक फ्रांस की टीम 208 पास पूरे कर चुकी थी, जबकि पराग्वे की टीम सिर्फ 33 पास ही दे पाई थी। फ्रांस लगातार पराग्वे के बॉक्स के सामने पासिंग गेम खेल रहा था ताकि गेंद से ही काम कराया जा सके और खिलाड़ियों की ऊर्जा बची रहे।

गुस्तावो अल्फारो के मार्गदर्शन में खेल रही पराग्वे की टीम ने 5-4-1 का बेहद रक्षात्मक फॉर्मेशन अपनाया था। उनके इकलौते फॉरवर्ड खिलाड़ी जूलियो एनसिसो मिडफील्ड से 40 यार्ड दूर अकेले खड़े होकर फ्रांसीसी डिफेंडर्स को परेशान कर रहे थे और उन्हें फाउल करने पर मजबूर कर रहे थे। 35वें मिनट में माइकल ओलिस की एक फ्री-किक पराग्वे के डिफेंडर गुस्तावो वेलाज्केज से टकराकर गोल की तरफ गई, लेकिन उसे क्लियर कर दिया गया। पहले हाफ तक पराग्वे फ्रांस को रोकने में सफल रहा।



दूसरे हाफ में डिडिएर डेशैम्प्स की रणनीति आई काम
हाफ-टाइम के बाद जब खिलाड़ी 15 मिनट तक एयर कंडीशनिंग की हवा खाकर मैदान पर लौटे, तब तक मैदान का एक बड़ा हिस्सा छांव में आ चुका था और तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। हेड कोच डिडिएर डेशैम्प्स की क्लास का असर फ्रांसीसी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में साफ दिखा और उन्होंने खेल की रफ्तार बढ़ाई। मैच के 55वें मिनट में मानू कोने ने बॉक्स के बाहर से एक बेहद दमदार लॉन्ग-रेंज शॉट लगाया, जिसे पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार डाइव लगाकर बचाया। इसके बाद 60वें मिनट में जब ब्रेडली बारकोला ने गोल करने का एक आसान मौका गंवाया, तो कोच डेशैम्प्स ने तुरंत कड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मैदान से बाहर बुलाया और उनकी जगह युवा डेसिरे डुआरे को मैदान पर उतारा। डुआरे के आने से फ्रांस के आक्रमण में और पैनापन देखने को मिला, जिसने अंत में पराग्वे को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

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