
कोलकाता, 5 जुलाई . पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने Chief Minister ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भारी Police बल की तैनाती और रूट मार्च को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी का दावा है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए यह कदम उठाया गया है.
टीएमसी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का एकमात्र एजेंडा विपक्ष की आवाज, आवाजाही और लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करना है. पार्टी ने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भारी Police बल की तैनाती और रूट मार्च कई गंभीर सवाल खड़े करता है. टीएमसी ने इसे भाजपा Government की ओर से डराने-धमकाने की कोशिश बताया.
वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भी एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि ममता बनर्जी को बारुईपुर जाना था, लेकिन उनकी यात्रा की जानकारी मिलते ही उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में Policeकर्मियों की तैनाती कर दी गई और बैरिकेड्स लगा दिए गए. उन्होंने कहा कि सूत्रों के मुताबिक ये बैरिकेड्स अगले दिन भी लगे रह सकते हैं. हालांकि, Police की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी यात्रा के लिए तैयार थीं, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि ममता बनर्जी के आवास के बाहर भारी Police बल और रूट मार्च आखिर किस वजह से किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एक बच्ची से दुष्कर्म और हत्या जैसी गंभीर घटना के बाद कानून-व्यवस्था बहाल करने के बजाय भाजपा Government विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. इस मामले को लेकर भाजपा और टीएमसी एक बार फिर आमने सामने हैं. दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
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