होर्मुज पर सर्विस शुल्क लगाने की खबरों के बीच 15 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकले, अभी कितने फंसे हैं?
et July 06, 2026 10:42 AM
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भले ही इस समय सप्लाई सामान्य हो चुकी है, लेकिन ईरान की तरफ से नेविगेशन शुल्क वसूलने के ऐलान ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। किस देश पर शुल्क लगेगा या नहीं इन खबरों के बीच भारतीय ध्वज वाले 15 जहाज उर्वरक लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को क्रॉस कर चुके हैं। भारत के रसायन और उर्वरक मंत्रालय की तरफ से यह खबर दी गई। जो किसानों और उर्वरक व्यापारियों के लिए बड़ी राहत के जैसे हैं। लेकिन सवाल अभी भी यह है कि क्या भारत को नेवीगेशनल शुल्क देना पड़ेगा? अभी भी होर्मुज में कितने भारतीय जहाज फंसे हुए हैं?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कितने जहाज फंसे हैं?
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी 5 और जहाज होर्मूज से निकलने की बारी का इंतजार कर रहे हैं।
  • जो 15 जहाज निकले हैं, उनमें से 8 जहाजों पर 3.32 लाख टन यूरिया हैं।
  • 4 पर 2.57 लाख टन डीएपी है।
  • बचे 3 पर 1.11 लाख टन सल्फर है।
जब ये जहाज भारत पहुंच जाएंगे और उर्वरक भारतीय बाजारों में पहुंचेंगे तब उर्वरकों की कीमत बढ़ने की आशंका है खत्म हो जाएगी।

जो पांच जहाज फंसे हुए उसमें से एक अमोनिया और दूसरा यूरिया से लदा हुआ है। हालांकि भारत सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यह पांच जहाज भी प्रमुख जलमार्गों को पार कर जाएंगे।

नेवीगेशनल शुल्क वसूलेगा ईरानअमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में ईरान को 60 दिन की मोहलत दी गई है जिसमें ईरान बिना किसी रूकावट के तेल बेच सकेगा और इस दौरान वह जलमार्गों पर जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं वसूलेगा। लेकिन ईरान ने ऐलान किया है कि वह कमर्शियल जहाज से नेवीगेशनल शुल्क वसूलेगा। इस ऐलान से कई देशों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार महंगा हो सकता है।

क्या भारत पर भी लगेगी शुल्क?भारतीय जहाजों पर शुल्क लगेगी या नहीं यह अभी तक तय नहीं हुआ है। हालांकि ईरान की तरफ से यह संकेत दिया गया है कि उनके मित्र देशों के जहाजों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भारत को भी नेवीगेशनल शुल्क से छूट मिल सकती है।

कच्चे तेल की कीमतेंभले ही इस समय ईरान नेवीगेशनल शुल्क वसूलने की बात कर रहा है, लेकिन भारत सहित कई देशों के लिए राहत की बात यह है कि इस समय कच्चे तेल की कीमतें अपने पुराने स्तर पर लौट आई है। 6 जुलाई को ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 71 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड की कीमत 68 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही है।

अमेरिका क्या चाहता है?अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले से ही ईरान के इस पक्ष का विरोध करते आए हैं। उन्होंने पहले ही यह संकेत दिए थे कि होर्मुज से व्यापार करने के लिए जहाजों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। वे ईरान की इस मांग का हमेशा से ही विरोध करते आए हैं। हालांकि ट्रंप ने पहले यह भी संकेत दिए कि यदि ईरान शुल्क वसूल लगा तो अमेरिका भी शुल्क लगा सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर शुल्क लगेगा या नहीं यह अमेरिका ईरान के बीच हुए समझौते के 60 दिन पूरे होने के बाद तय हो जाएगा।
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