AICTE का बड़ा फैसला, देशभर के 58 इंजीनियरिंग कॉलेज होंगे बंद, जानें वजह
TV9 Bharatvarsh July 06, 2026 01:43 PM

देश में तकनीकी शिक्षा की क्वालिटी सुधारने की दिशा में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बड़ा फैसला लिया है. परिषद ने एकेडमिक सेशन 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की मंजूरी दी है. यह निर्णय उन संस्थानों के खिलाफ लिया गया है जो छात्रों का पर्याप्त एडमिशन नहीं जुटा सके या एआईसीटीई के तय एकेडमिक और आधारभूत ढांचे के मानकों पर खरे नहीं उतर पाए. हालांकि, परिषद ने स्पष्ट किया है कि इन कॉलेजों में पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और वो अपना कोर्स उसी संस्थान से पूरा कर सकेंगे.

मौजूदा छात्रों की पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा असर

इस प्रक्रिया के तहत इन संस्थानों में नए छात्रों का एडमिशन बंद रहेगा, लेकिन पहले से एडमिशन ले चुके स्टूडेंट्स की पढ़ाई जारी रहेगी. एआईसीटीई ने कहा है कि जिन कॉलेजों को बंद करने की मंजूरी मिली है, वहां पढ़ रहे छात्र अपनी डिग्री उसी संस्थान से पूरी कर सकेंगे. कॉलेज तब तक संचालित रहेंगे, जब तक वर्तमान बैच के सभी स्टूडेंट्स अपना कोर्स पूरा नहीं कर लेते. इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है.

इन कारणों से लिया गया फैसला

परिषद के अनुसार, कई संस्थानों में लगातार कम एडमिशन हो रहे थे. इसके अलावा योग्य टिचर्स की कमी, आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का अभाव और एआईसीटीई के एकेडमिक एवं प्रशासनिक मानकों का पालन नहीं करने जैसी कमियों के कारण यह कदम उठाया गया है. इसी अवधि में देशभर के 950 से अधिक इंजीनियरिंग और टेक्निकल कोर्स भी बंद किए गए हैं.

इन राज्यों में सबसे ज्यादा कॉलेज हुए बंद

राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे अधिक 12-12 कॉलेजों को बंद करने की अनुमति दी गई है. इसके बाद मध्य प्रदेश में 8, तेलंगाना और पंजाब में 4-4, जबकि आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3-3 संस्थान प्रभावित हुए हैं. गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 2-2 तथा पुडुचेरी में 1 कॉलेज चरणबद्ध रूप से बंद किया जाएगा.

चरणबद्ध और पूर्ण बंद में क्या है अंतर?

एआईसीटीई ने स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध बंद और पूर्ण बंद अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. चरणबद्ध बंद में केवल नए एडमिशन रोके जाते हैं, जबकि मौजूदा छात्रों की पढ़ाई जारी रहती है. वहीं, पूर्ण बंद की स्थिति में संस्थान पूरी तरह बंद हो जाता है और छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाता है. इस व्यवस्था के जरिए परिषद तकनीकी शिक्षा की क्वालिटी बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों के हितों की भी रक्षा करना चाहती है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.