साइबर क्राइम रोकने के लिए एक्शन में सरकार, WhatsApp-Telegram के प्राइवेसी फीचर्स पर मांगा जवाब
TV9 Bharatvarsh July 06, 2026 07:43 PM

पिछले तीन हफ्तों में भारत सरकार ने दुनिया की कुछ सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को कई नोटिस और निर्देश जारी किए हैं. NEET-UG की दोबारा परीक्षा के दौरान टेलीग्राम को कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया और मौजूदा पोस्ट के लिए मैसेज एडिट करने की सुविधा बंद करने का आदेश दिया गया. इसके अलावा मेटा को व्हाट्सएप यूजरनेम की सुविधा शुरू करने से रोकने का निर्देश दिया गया, सिग्नल और टेलीग्राम से उनके anonymity वाले फीचर्स के बारे में बताने को कहा गया. केवल इतना ही नहीं, टेलीग्राम को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से एंटी-पायरेसी का एक अलग नोटिस मिला और अब मेटा को इंस्टाग्राम विज्ञापनों को लेकर जांच का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कंपनी पर इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो वाले विज्ञापन चलाने का आरोप है.

क्या है MeitY के सेक्रेटरी का कहना?

मनीकंट्रोल के मुताबिक, MeitY के सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने सरकार की चिंताओं को अलग-अलग घटनाओं के बजाय प्लेटफॉर्म के आर्किटेक्चर से जोड़कर पेश किया है. WhatsApp के यूजरनेम फ़ीचर पर सवाल उठाने के फैसले के बारे में बताते हुए कृष्णन ने कहा कि समस्या यह है कि इससे पहचान के गलत इस्तेमाल (identity abuse) की संभावना बढ़ जाती है. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, यह जिस तरह का बढ़ावा देता है या साइबर अपराध करने के लिए जो सुविधा देता है. वह एक बहुत गंभीर मुद्दा है, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चिंता है कि यूज़रनेम से किसी और की पहचान अपनाकर धोखाधड़ी (impersonation) और पहचान की नकल (identity spoofing) करना आसान हो सकता है.

उन्होंने आगे कहा, यह साइबर अपराध करने के तरीकों का एक और पहलू है. यही वजह है कि हमने WhatsApp से यह बताने को कहा है कि उन्होंने यह फीचर क्यों रखा है? इसी तरह, हमने बाकी प्लेटफॉर्म्स से भी दूसरों से भी स्पष्टीकरण मांगा है. पब्लिक पॉलिसी फर्म ‘द क्वांटम हब’ (TQH) के फाउंडिंग पार्टनर रोहित कुमार ने कहा कि हर कदम के पीछे एक अलग रेगुलेटरी चिंता रही है.

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