पुलिस द्वारा चलाए गए इस मेगा कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान आपराधिक गतिविधियों में शामिल कुल 180 से अधिक आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। इस सघन तलाशी के दौरान निषेध (शराबबंदी) के मामलों, मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों के उल्लंघन के मामलों और लंबे समय से फरार चल रहे वांटेड अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जोन-7 के तहत आने वाले इन सात प्रमुख क्षेत्रों में गहन तलाशीयह विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन मुख्य रूप से अहमदाबाद शहर के जोन-7 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों पर केंद्रित था। इसमें वेजलपुर, सरखेज, सैटेलाइट, वासना, पालड़ी, एलिसब्रिज और बोदकदेव सहित पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख इलाके शामिल हैं। पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सड़कों, होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर गहन तलाशी ली और सभी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।
वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारीइस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकना और अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण पाना था, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष रूप से शराबबंदी से जुड़े अपराधों में शामिल असामाजिक तत्वों और विभिन्न मामलों में लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे वांटेड आरोपियों को ढूंढकर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इसके अलावा, एम.वी. एक्ट (MV Act) के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की गई।
जोन-7 डीसीपी के नेतृत्व में पुलिस की सतर्कता से सुरक्षा व्यवस्था मजबूतजोन-7 डीसीपी के कुशल मार्गदर्शन में चलाए गए इस पूरे सुरक्षा ऑपरेशन में पुलिस तंत्र को उल्लेखनीय सफलता मिली है। एक ही दिन में 180 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने असामाजिक तत्वों को साफ और सख्त संदेश दिया है कि रथयात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वेजलपुर से लेकर बोदकदेव तक के सभी इलाकों में की गई इस मेगा कॉम्बिंग से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और पुलिस की मुस्तैदी और मजबूत हुई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala