उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए जिलाधिकारी रायबरेली द्वारा ग्राम पड़ेरा, परगना एवं तहसील सदर स्थित उपलब्ध भूमि चिन्हित की गई थी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे रायबरेली सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास को नई मजबूती मिलेगी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ तथा निजी क्षेत्र का सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय प्रयागराज में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग संचालित हैं, जहां उद्यान विषयक अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया जाता है। इसी क्रम में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित है। महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में औद्यानिक शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।
लखनऊ, 06 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पतालों तथा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति प्रदान की। योगी सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार को निःशुल्क और रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
बीमांकित श्रमिकों व परिजनों को मिलेगी चिकित्सा सुविधा
मुरादाबाद में अस्पताल निर्माण के लिए ग्राम हरथला, तहसील एवं जनपद मुरादाबाद स्थित गाटा संख्या-1336/9.984 हेक्टेयर में से 2.025 हेक्टेयर राज्य सरकार की भूमि ईएसआईसी, श्रम एवं रोजगार विभाग, भारत सरकार को निःशुल्क आवंटित की जाएगी। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-1 राज्य सरकार की संपत्ति के रूप में दर्ज है। मुरादाबाद में प्रस्तावित 100 शैय्या अस्पताल से लगभग 93,591 बीमांकित श्रमिकों और उनके 3,55,646 परिजनों को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कराया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। इसके संचालन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसी प्रकार गोरखपुर में गीडा सेक्टर-09 स्थित संस्थागत भूखंड संख्या एएल-7, क्षेत्रफल 21,427 वर्ग मीटर (करीब 5.249 एकड़) भूमि पर 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनाया जाएगा। परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि की दर 8720 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर रियायती 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। नियमानुसार अन्य शुल्क अलग से देय होंगे। इस अस्पताल की स्थापना से चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार के साथ ही प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से नए रोजगार अवसर भी सृजित होंगे।