अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाले नाटो समिट से पहले सदस्य देश मंगलवार को तुर्किये की राजधानी अंकारा में अरबों डॉलर के रक्षा सौदों का ऐलान करेंगे. इन समझौतों का मकसद यह दिखाना है कि यूरोपीय देश अब अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं और अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर रहे हैं. इन रक्षा सौदों की घोषणा नाटो के डिफेंस इंडस्ट्री फोरम में होगी. इसके बाद ट्रंप तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन से मुलाकात करेंगे और फिर नाटो के अन्य नेताओं के साथ समिट में शामिल होंगे. समिट की शुरुआत मंगलवार शाम डिनर के साथ होगी.
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि यूरोप के देशों ने रक्षा बजट में हैरान कर देने वाली बढ़ोतरी की है. इसकी सबसे बड़ी वजह 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद बढ़ा सुरक्षा खतरा है. वहीं दूसरी वजह ट्रंप का लगातार दबाव है. ट्रंप लंबे समय से कहते रहे हैं कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर कम और खुद पर ज्यादा खर्च करना चाहिए. रुटे के मुताबिक, 2025 में नाटो के यूरोपीय सदस्य देशों और कनाडा ने रक्षा पर 2024 की तुलना में 90 अरब डॉलर ज्यादा खर्च किए. इसके साथ उनका कुल रक्षा खर्च बढ़कर 570 अरब डॉलर से अधिक हो गया. यानी सिर्फ एक साल में रक्षा खर्च में करीब 20% की बढ़ोतरी हुई.
ट्रंप ने नाटो से निकले के संकेत दिए थेहाल के महीनों में ट्रंप ने फिर नाटो देशों की आलोचना की. उनका कहना है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान यूरोपीय देशों ने अमेरिका का पूरा साथ नहीं दिया. उन्होंने यहां तक संकेत दिए कि अमेरिका नाटो से बाहर निकल सकता है या फिर जरूरत पड़ने पर संगठन की सामूहिक सुरक्षा संधि का पालन नहीं करेगा. हालांकि यूरोपीय देशों का कहना है कि उन्होंने अमेरिका को अपने एयरबेस और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने दिया था. उनका यह भी कहना है कि जिस युद्ध का असर उनकी अर्थव्यवस्था पर पड़ा, उस पर उन्हें पहले से भरोसे में भी नहीं लिया गया था.
यूरोप से सैनिक घटा रहा अमेरिकाइस बीच अमेरिका ने यूरोप से कुछ सैनिक हटाने, नाटो की रक्षा योजनाओं के लिए दिए जाने वाले अपने सैन्य संसाधनों में कटौती करने और यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी की छह महीने की समीक्षा शुरू कर दी है. इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट, ड्रोन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं.
यूरोपीय देशों को उम्मीद है कि तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआन और नाटो प्रमुख मार्क रुटे, ट्रंप के साथ अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल कर समिट को सफल बनाएंगे. हालांकि ग्रीनलैंड, ईरान और कुछ नेताओं के साथ ट्रंप के तनावपूर्ण रिश्तों को देखते हुए वे किसी नतीजे को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं.
नीदरलैंड 3 अरब यूरो की डील का ऐलान करेगानाटो ने अभी रक्षा सौदों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. लेकिन नीदरलैंड की रक्षा मंत्री डिलन येसिलगोज ने बताया कि उनका देश 3 अरब यूरो से ज्यादा के रक्षा समझौतों का ऐलान करेगा. इनमें बेल्जियम के साथ एयर डिफेंस और ब्रिटेन के साथ नौसैनिक जहाजों से जुड़ी साझेदारी शामिल है. इसके अलावा, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नाटो अपने पुराने अमेरिकी AWACS निगरानी विमानों की जगह स्वीडन की कंपनी Saab के GlobalEye निगरानी विमान खरीदने का भी ऐलान कर सकता है. यह नाटो की सैन्य क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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