वॉयस सैंपल देने फिर नहीं पहुंचे अभिषेक बनर्जी, सीआईडी ने जांच में देरी का लगाया आरोप
Indias News Hindi July 08, 2026 09:42 PM

कोलकाता, 8 जुलाई . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी Wednesday को एक बार फिर उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर अदालत में पेश नहीं हुए. उन्हें हाल में हुए विधानसभा चुनाव से जुड़े कथित हेट स्पीच मामले की सीआईडी जांच के तहत अपनी आवाज का नमूना (वॉयस सैंपल) देने के लिए अदालत में उपस्थित होना था.

अदालत के निर्देश के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को Wednesday दोपहर 12 बजे तक अदालत में उपस्थित होकर न्यायिक मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में वॉयस सैंपल देना था.

सीआईडी अधिकारियों की टीम दोपहर 12 बजे तक अदालत पहुंच गई थी. हालांकि, अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी का इंतजार किया, लेकिन वह वॉयस सैंपल देने के लिए अदालत नहीं पहुंचे.

इसके बाद सरकारी वकील बिवास चट्टोपाध्याय ने अदालत को बताया कि टीएमसी महासचिव दूसरी बार वॉयस सैंपल देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुए हैं. इससे साफ है कि वह जांच प्रक्रिया में देरी करने और उसे बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं.

बाद में सरकारी वकील ने अदालत में एक लिखित बयान भी दाखिल किया. इसमें आरोप लगाया गया कि अभिषेक बनर्जी जानबूझकर हेट स्पीच मामले की जांच में देरी कर रहे हैं. उन पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है.

लिखित बयान में सरकारी वकील ने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी का बार-बार उपस्थित न होना अदालत के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन है. इसलिए अब उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने का समय आ गया है.

दरअसल, Tuesday को कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सवाल उठाया था कि जब अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी सहित किसी भी तरह की Police कार्रवाई से 31 जुलाई तक अंतरिम राहत मिली हुई है, तो वह जांच में सहयोग करने से क्यों बच रहे हैं?

वॉयस सैंपल देने के लिए बिधाननगर अदालत में पेश होने के आदेश से राहत पाने के लिए अभिषेक बनर्जी के वकील ने Tuesday को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में तत्काल सुनवाई की मांग की थी. उन्होंने जिला अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया गया था.

हालांकि, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तत्काल सुनवाई की मांग खारिज कर दी. उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी को जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए और बिना किसी देरी के वॉयस सैंपल देना चाहिए.

एएमटी/एबीएम

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