Kaliyuga: कलयुग में कैसे-कैसे बदलता जाएगा इंसान का स्वभाव? जानिए क्या कहता है शिव पुराण
TV9 Bharatvarsh July 08, 2026 10:43 PM

कलयुग में जन्म लेने वाले प्राणी का अंत निश्चित है. वह लाख कोशिशों के बाद भी अनंत काल तक जिंदा नहीं रह सकता है. इस तरह समय के चक्र में युगों का परिवर्तन भी स्वाभाविक है. शास्त्रों में समय को चार युगों में बांटा गया है, इसमें सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग. पुराणों के अनुसार, ये कलियुग चल रहा है. अनेक ग्रंथों में इस युग में मनुष्यों के स्वभाव और सामाजिक परिस्थितियों में होने वाले परिवर्तनों का वर्णन किया गया है. इनमें से शिव पुराण में कलियुग की विशेषताओं का विस्तार से बात की गई है.

शिव पुराण के विद्याश्वर संहिता के प्रथम और द्वितीय अध्यायों में कलियुग के स्वरूप का विस्तृत वर्णन है. महर्षि सूत और ऋषियों के संवाद में कलियुग की शुरुआत, उसके लक्षण और मानव समाज में होने वाले परिवर्तनों का वर्णन किया गया है. शिव पुराण के अनुसार, जैसे-जैसे कलियुग का प्रभाव बढ़ता है, धर्म का पतन होता जाता है. लोग सत्य का त्याग कर झूठ, छल और लोभ जैसे दुर्गुणों की ओर मुड़ जाते हैं. दूसरों को दोष देना, उनकी संपत्ति का लालच करना और अन्य स्त्रियों के प्रति आसक्ति जैसे लक्षण बढ़ते जाते हैं.

हिंसक स्वभाव बढ़ेगा?

शिव पुराण में कहा गया है कि लोग हिंसक स्वभाव अपनाएंगे और शरीर को ही आत्मा मानेंगे. नास्तिकता बढ़ेगी, सद्गुण घटेंगे. माता-पिता के प्रति सम्मान कम होगा और पारिवारिक संबंध कमजोर पड़ेंगे.

शिव पुराण के अनुसार, कलियुग का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर पड़ेगा. ब्राह्मण वेदों का अध्ययन और धार्मिक अनुष्ठान छोड़ देंगे और ज्ञान का उपयोग केवल जीविका कमाने के लिए करेंगे. शिक्षा धन कमाने का साधन बन जाएगी. क्षत्रिय साहस और नैतिकता खो देंगे और अनैतिक जीवन व्यतीत करेंगे. वैश्य धर्म के मार्ग को त्यागकर धन कमाने के उद्देश्य से धोखाधड़ी के धंधों में लिप्त हो जाएंगे. शिव पुराण बताता है कि जैसे-जैसे प्रत्येक वर्ग अपने कर्तव्यों से विमुख होता जाएगा, समाज में धर्म का पतन होगा और स्वार्थ, ईर्ष्या और अहंकार बढ़ेगा.

कलियुग के अंत में कितना समय शेष?

पुराणों के अनुसार, कलियुग की शुरुआत को अब तक केवल लगभग 5,000 वर्ष ही बीते हैं. कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष बताई गई है, ऐसे में हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार कलियुग के अंत में अभी लाखों वर्ष शेष हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी शिव पुराण की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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