Thursday Khichdi Ban: गुरुवार को नहीं बनानी चाहिए खिचड़ी, जानिए क्या बनता है कलह और दरिद्रता का कारण
TV9 Bharatvarsh July 09, 2026 09:42 AM

Brihaspativar Sacred Rules: सनातन धर्म में तिथियों की तरह ही हर दिन का भी खास महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार, हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह को समर्पित किया गया है. इन्हीं के अनुसार पूजा-पाठ और अन्य नियमों का पालन किया जाता है. आज गुरुवार का दिन है. शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति का होता है, इसलिए इस दिन को बृहस्पतिवार भी कहा जाता है.

शास्त्रों में गुरुवार का दिन काफी महत्वपूर्ण माना गया है. यही कारण है कि इस दिन की पूजा, रहन-सहन और खान-पान के कई नियम शास्त्रों में बताए गए हैं. इन्हीं में शामिल है गुरुवार के दिन खिचड़ी बनाने और खाने से परहेज करना. ये सुनने में थोड़ी हैरान अवश्य हो सकती है, लेकिन यह सच है. गुरुवार के दिन खिचड़ी बनाना और खाना वर्जित है. आज भी कई लोग इस नियम को मानते हैं.

गुरुवार को क्यों नहीं खानी चाहिए खिचड़ी?

गुरुवार के दिन खिचड़ी में काली दाल डालकर उसे बनाना और खाना अशुभ होता है. वहीं, पीली दाल से बनी खिचड़ी भी गुरुवार को न खाने की सलाह दी जाती है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार के दिन पीली खचड़ी खाने से जन्म कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है. कुंडली में गुरु के कमजोर होने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है.

इससे धन की हानि हो सकती है और घर में दरिद्रता भी आ सकती है, इसलिए गुरुवार के दिन खिचड़ी खाने और बनाने दोनों से ही परहेज करने की सलाह दी जाती है.

गुरुवार का दिन होता है बहुत शुभ

गुरुवार के दिनलोग अपने गुरु को याद करते हैं. इस दिन गुरु की अराधना करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है. इस दिन ज्ञान और करियर में सफलता पाने के लिए व्रत भी रखा जाता है. इसके अलावा इस दिन भगवान सत्य नारायण की भी पूजा की जाती है. साथ ही इस दिन जीवन में उन्नति के लिए कई विशेष उपाय भी किए जाते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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