'गैरीला क्रिकेट' की नवीनतम खेल समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन किसी 'ट्रेनwreck' (बड़ी तबाही या पटरी से उतरी गाड़ी) जैसा रहा है, जहां टीम को लगातार करारी शिकस्त झेलनी पड़ रही है। इस पूरे संकट और निराशा के माहौल के बीच, युवा ऑलराउंडर प्रिंस यादव का प्रदर्शन भारतीय फैंस और मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू (Bright Spot) साबित हुआ है। विपरीत परिस्थितियों में भी इस खिलाड़ी ने मैदान पर जो जुझारूपन और परिपक्वता दिखाई है, उसने अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों को बेहद प्रभावित किया है।
जब भारतीय टीम के बड़े-बड़े नामी बल्लेबाज इंग्लिश और आयरिश परिस्थितियों में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब प्रिंस यादव ने न केवल निचले मध्यक्रम में आकर समझदारी भरी और आक्रामक पारियां खेलीं, बल्कि अपनी कसी हुई मध्यम गति की तेज गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों पर भी लगाम कसी। खेल पंडितों का मानना है कि भले ही भारत यह श्रृंखला गंवाने की कगार पर खड़ा हो, लेकिन इस दौरे ने भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहतरीन और निडर थ्री-डायमेंशनल (3D) ऑलराउंडर सौंप दिया है।