Surat Rain: 18 इंच बारिश से डूबा सूरत, कपड़ा बाजार-शॉपिंग सेंटर में करोड़ों का नुकसान, व्यापारी बोले- 'सब कुछ बर्बाद हो गया'
TV9 Bharatvarsh July 09, 2026 08:43 PM

Surat flood: गुजरात के सूरत जिले में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. महज एक दिन में करीब 18 इंच बारिश होने से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए. सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया, जबकि रिहायशी इलाकों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी बाढ़ का पानी घुस गया. हालात ऐसे बन गए कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. शहर के कई हिस्सों में यातायात भी प्रभावित रहा.

पोदार आर्केड शॉपिंग सेंटर में पानी का कहर

सबसे ज्यादा नुकसान वराछा इलाके के प्रसिद्ध पोदार आर्केड शॉपिंग सेंटर में हुआ. तेज बारिश के बाद शॉपिंग सेंटर का बेसमेंट, पहली और दूसरी मंजिल पूरी तरह पानी से भर गई. बताया जा रहा है कि महज आधे घंटे के भीतर पानी एक मंजिल तक पहुंच गया, जिससे दुकानदारों को अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला.

मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महंगा सामान दुकानों में ही पानी में डूब गया. व्यापारियों के अनुसार, देखते ही देखते लाखों रुपए का माल बर्बाद हो गया और वे चाहकर भी उसे सुरक्षित नहीं कर सके.

200 से ज्यादा दुकानदारों को करोड़ों का नुकसान

पोदार आर्केड में करीब 200 से अधिक दुकानदार कारोबार करते हैं. बारिश के कारण अधिकांश दुकानों में रखा सामान पूरी तरह भीग गया है. व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक से कर्ज लिया था और कई लोगों ने अपने घर तक गिरवी रखे हुए हैं. अब स्थिति यह है कि दुकानें दोबारा शुरू करने के लिए उन्हें फिर से भारी निवेश करना पड़ेगा. कई दुकानदारों का कहना है कि उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है और यदि सरकारी सहायता नहीं मिली तो कारोबार दोबारा खड़ा करना बेहद मुश्किल होगा.

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मेट्रो परियोजना पर लगाए गंभीर आरोप

बारिश से हुए भारी नुकसान के बाद स्थानीय व्यापारियों ने मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर पड़े दबाव के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई, जिससे बाजारों और शॉपिंग सेंटरों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. व्यापारियों ने सरकार से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है.

एशिया का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार भी पानी में डूबा

भारी बारिश का असर सूरत के विश्व प्रसिद्ध और एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजार पर भी पड़ा. अधिकांश कपड़ा बाजारों के बेसमेंट और शोरूम पानी से भर गए. तेज बहाव के कारण व्यापारियों को अपना माल सुरक्षित स्थान पर ले जाने का समय नहीं मिला, जिससे करोड़ों रुपए का कपड़ा पानी में भीगकर खराब हो गया.

व्यापारियों का कहना है कि कपड़ा एक ऐसा उत्पाद है, जो पानी में भीगने के बाद बिक्री योग्य नहीं रह जाता. ऐसे में उनका पूरा स्टॉक लगभग बेकार हो चुका है. उनका कहना है कि यह सिर्फ माल का नुकसान नहीं, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत और आजीविका पर बड़ा संकट है.

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150 करोड़ रुपए के दैनिक कारोबार पर पड़ा असर

सूरत का कपड़ा बाजार प्रतिदिन लगभग 150 करोड़ रुपए का कारोबार करता है, लेकिन बाढ़ जैसी स्थिति के कारण व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है. बाजारों में चारों ओर पानी और कीचड़ जमा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां रुक गई हैं. व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना बड़ा आर्थिक नुकसान देखा है. उनका मानना है कि यदि सरकार राहत और आर्थिक सहायता नहीं देती है तो इस नुकसान की भरपाई करने में कई साल लग सकते हैं.

बारिश के बीच युवक बहा

इधर, सीतानगर चौकड़ी के पास स्थित एक परिसर में भारी बारिश के दौरान एक युवक पानी के तेज बहाव में बह गया. बताया जा रहा है कि परिसर का बेसमेंट पूरी तरह पानी से भर गया था, जहां युवक फंस गया और फिर लापता हो गया. घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. बेसमेंट से पानी निकालने के लिए पंपिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था.

सरकार से राहत पैकेज की मांग

बारिश से हुए भारी नुकसान के बाद व्यापारियों ने राज्य सरकार से तत्काल राहत पैकेज, आर्थिक सहायता और प्रभावित बाजारों का सर्वे कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो हजारों व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. फिलहाल प्रशासन जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और सामान्य स्थिति बहाल करने में जुटा हुआ है.

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