प्यार में लोग क्या कुछ नहीं करते, लेकिन चीन से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सच्चे प्यार की परिभाषा को ही बदल दिया है. जरा सोचिए, कोई इंसान 7 साल से कोमा में हो, डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए हों, लेकिन उसकी पत्नी की जिद और अनोखे इलाज ने उसे मौत के मुंह से बाहर खींच लिया. होश में आते ही पति ने अपनी पत्नी से जो पहला शब्द कहा, उसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की आंखों में आंसू ला दिए. जानिए दिल को छू लेने वाली और हैरान कर देने वाली इस दास्तान के बारे में.
मासूम को बचाने के लिए खुद को दांव पर लगायासाउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कहानी चीन के हेनान प्रांत के रहने वाले झाओ जिनकियान और उनकी 45 वर्षीय पत्नी सोंग मेई की है. साल 2019 में वॉटरप्रूफिंग का काम करने वाले झाओ ने एक 3 साल के बच्चे को छत पर फंसा देखा. वे अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए 6 मीटर ऊंचे गोदाम की छत पर चढ़ गए. बच्चे को बचाते समय झाओ नीचे गिर गए, लेकिन गिरते वक्त उन्होंने बच्चे को अपने शरीर से ढक लिया. बच्चा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन झाओ के सिर में गंभीर चोटें आईं और वे कोमा में चले गए.
डॉक्टरों ने छोड़ दी थी उम्मीद, पर पत्नी ने हार नहीं मानीडॉक्टरों का कहना था कि झाओ का दोबारा होश में आना लगभग नामुमकिन है. लेकिन सोंग मेई ने अपने पति का साथ छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी झाओ की देखभाल में लगा दी. वे रोज घंटों उनसे बातें करतीं, उन्हें खाना खिलातीं और उनके हाथ-पैरों की मालिश करती थीं.
नसों को जगाने के लिए दांतों से काटती थीं पैर की उंगलियां!इस देखभाल में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि सोंग अपने पति के दिमाग और नसों को दोबारा एक्टिव करने के लिए रोजाना उनके पैर की उंगलियों को अपने दांतों से काटती थीं. यह एक बेहद दर्दनाक और थका देने वाली कोशिश थी, जिसे सोंग ने सालों तक बिना थके जारी रखा.
7 साल बाद हुआ चमत्कारसोंग की यह अटूट निष्ठा और अनोखा तरीका आखिरकार रंग लाया. लगभग 7 साल बाद झाओ के शरीर में हलचल हुई. उन्होंने धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलीं, अपनी पत्नी की तरफ देखा और बेहद धीमी आवाज में कहा- मैं तुमसे प्यार करता हूं. इन शब्दों ने सोंग के सालों के संघर्ष और आंसुओं को एक पल में सुकून में बदल दिया.
पहले से ही मददगार था यह कपलहादसे से पहले भी यह कपल बेहद सादगी और दूसरों की मदद करने के लिए जाना जाता था. सोंग एक पूर्व किंडरगार्टन आर्ट टीचर हैं जो गरीब बच्चों को मुफ्त में पेंटिंग सिखाती थीं. वहीं झाओ अपनी कम कमाई के बावजूद एक सुदूर पहाड़ी गांव के बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे. यह भी पढ़ें: किस्मत का अनोखा खेल! सास से थी अनबन, बहू की बेटी निकली हूबहू दादी जैसी
सोशल मीडिया पर लोग बोले- ‘यही है असली प्यार’यह कहानी इंटरनेट पर आते ही वायरल हो गई. चीन और दुनिया भर के सोशल मीडिया यूजर्स सोंग के समर्पण और झाओ की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, यह कहानी मानवता और सच्चे प्यार पर दोबारा भरोसा जगाती है. यह भी पढ़ें:वो मेरी जिंदगी है 72 की बुजुर्ग महिला के प्यार में पागल हुआ 22 साल का लड़का, रचा ली शादी; चर्चा में अजब प्रेम की गजब कहानी