हायर एजुकेशन के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल हासिल करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है. विश्वविद्यालय ने एक ओर एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में दाखिले का कार्यक्रम जारी किया है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए डिजिटल और उद्यमिता से जुड़े शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स में भी आवेदन मांगे हैं.
एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 जुलाई से शुरू होंगे. इच्छुक अभ्यर्थी 20 जुलाई तक विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे. यह दो वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के सहयोग से संचालित किया जाता है. प्रवेश पूरी तरह GAT-B (Graduate Aptitude Test-Biotechnology) के स्कोर के आधार पर होगा और विश्वविद्यालय की आरक्षण नीति लागू रहेगी.
इस कोर्स में कुल 10 सीटें उपलब्ध हैं. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास बी.फार्मा, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजिकल साइंसेज, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, जेनेटिक्स या आधुनिक जीवविज्ञान से संबंधित किसी विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए.
इन कोर्स के लिए भी कर सकते हैं अप्लाई
वहीं, बदलती तकनीक और डिजिटल दुनिया की जरूरतों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने युवाओं के लिए कई शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स भी शुरू किए हैं. इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ये कोर्स सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप और स्मार्ट अकादमी फॉर डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप के तहत संचालित किए जाएंगे. इनका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ सर्टिफिकेट देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल से लैस करना है.
स्किल कोर्स में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप, एडवांस डिजिटल मार्केटिंग, एआई ड्रिवन डेटा एनालिसिस और यूआई/यूएक्स डिजाइन जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं. सभी कक्षाएं ऑफलाइन मोड में होंगी, जहां छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा. विश्वविद्यालय का कहना है कि इन कार्यक्रमों को स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय पहलों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इनका मकसद युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें स्टार्टअप व डिजिटल बिजनेस के लिए तैयार करना है. ज्यादा डिटेल्स के लिए छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट की मदद ले सकते हैं.
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