एक दिन या 1 महीना… इस बार कितने दिनों तक चलेगा ईरान-अमेरिका युद्ध?
TV9 Bharatvarsh July 09, 2026 11:43 PM

ईरान और अमेरिका के बीच फारस की खाड़ी में फिर से जंग की शुरुआत हो गई है. होर्मुज में ईरान के हमले के जवाब में अमेरिका ने मंगलवार को 80 और बुधवार को 90 अटैक किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐलान में कहा कि ईरान के लोग झूठे हैं. मैंने समझौते को खत्म कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक ईरान को गैर-परमाणु मुल्क बनाने के लिए अमेरिका हमला करता रहेगा.

ट्रंप के बयान से इतर सवाल उठ रहा है कि इस बार अमेरिका और ईरान के बीच कितने दिनों तक लड़ाई चल सकती है? 2025 में ईरान और अमेरिका के बीच 12 दिनों तक युद्ध चला था. इस साल फरवरी में जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, तब दोनों देशों के बीच करीब 39 दिनों तक युद्ध चला था.

जंगकितने दिनों तक चलेगी, यह 2 फैक्टर पर निर्भर करेगा 1. अमेरिका की क्या है तैयारी?

अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios से बात करते हुए व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि यह जंग 1 दिन, 2 दिन या 1 महीने तक चल सकती है. अमेरिका इसके लिए पूरी तरह तैयार है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब तक होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा, तब तक अमेरिकी हमले होते रहेंगे.

रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ईरान से नाराज हैं. उनका मानना है कि ईरान लगातार वादों का उल्लंघन कर रहा है. ऐसे में उसे सबक सिखाना जरूरी है.

2. ईरान के पास कितने हथियार हैं?

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसी (FDD) के मुताबिक जंग से पहले ईरान के पास करीब 3,000 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. अब यह संख्या घटकर लगभग 1,500 रह गई है. ईरान ने युद्ध के दौरान करीब 1,500 मिसाइलें इजराइल, यूएई और कुवैत पर दागीं. बैलिस्टिक मिसाइलों के अलावा ईरान के पास ड्रोन का जखीरा है.

शाहेद को ईरान का खतरनाक ड्रोन माना जाता है. जंग में यह काफी कारगर साबित हुआ है. ईरान के पास 30 हजार से ज्यादा ड्रोन हैं.

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक ईरान ने अपने भूमिगत सुरंगों को भी मजबूत कर लिया है. ईरान ने जंग में बर्बाद हुए 50 प्रतिशत से ज्यादा हथियार वापस पा लिए हैं. यानी ईरान फिर से जंग को लंबा खिंच सकता है.

अमेरिका-ईरान में फिर से जंग की नौबत क्यों?

समझौते के तहत ईरान ने वादा किया था कि अगले 60 दिनों तक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर तेहरान हमला नहीं करेगा, लेकिन इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान ने पहले सऊदी और फिर कतर के तेल टैंकर को निशाने पर लिया. ईरान ओमान के करीब से गुजरने वाले जहाजों पर हमला कर रहा है.

अमेरिका इससे नाराज है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे वादाखिलाफी माना है. अमेरिका का मानना है कि अगर ईरान को अभी सबक नहीं सिखाया गया तो आने वाले वक्त में ईरान किसी भी शर्त को नहीं मानेगा.

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