The hundred 2026: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) को अपनी 100 गेंदों वाली क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) के 2026 सीजन के लिए एक बड़ा फैसला लेना पड़ा है. टूर्नामेंट शुरू होने में अब सिर्फ 12 दिन का समय बचा है, लेकिन इसके बावजूद आठ में से तीन टीमें अब तक अपनी जर्सी के मेन हिस्से के लिए स्पॉन्सर ढूंढने में नाकाम रही हैं. खाली जर्सी के साथ मैदान पर उतरने के कमर्शियल नुकसान और खराब ब्रांडिंग से बचने के लिए, बोर्ड ने इस सीजन के लिए सट्टेबाजी और जुआ कंपनियों (Gambling Sponsors) को जर्सी पर जगह देने की मंजूरी दे दी है.
इंग्लैंड ने मजबूरी में बदला अपना नियमद हंड्रेड लीग को शुरू से ही क्रिकेट में एक नए और युवा फैंस को आकर्षित करने के लिए डिजाइन किया गया था. बोर्ड इसे हमेशा एक फैमिली-फ्रेंडली टूर्नामेंट के रूप में पेश करता आया है, यही वजह है कि ECB इसके साथ सट्टेबाजी कंपनियों को जोड़ने के सख्त खिलाफ था. हालांकि, इस साल से टूर्नामेंट का पूरा ढांचा बदल गया है. बोर्ड ने पिछले साल ही इन आठों टीमों की हिस्सेदारी निजी निवेशकों को बेची है. जिनमें आईपीएल टीमों के मालिक और अमेरिकी कंसोर्टियम शामिल हैं. जिसके चलते अब स्पॉन्सरशिप ढूंढने और उससे मुनाफा कमाने का जिम्मा पूरी तरह टीमों के हाथों में आ गया है.
स्पॉन्सर मार्केट में मंदी का पड़ा असरयूके (UK) के खेल जगत में इस समय स्पॉन्सरशिप का मार्केट काफी धीमा चल रहा है. देश की आर्थिक स्थिति और ग्लोबल टेशन के चलते कंपनियों ने हाथ खींच रखे हैं. इसके अलावा, फुटबॉल प्रीमियर लीग में गैंबलिंग एडवर्टाइजमेंट पर बैन लगने के बाद वहां की टीमें भी बाकी सेक्टर्स के स्पॉन्सर्स पर कब्जा जमा रही हैं. ऐसे में द हंड्रेड की टीमों के लिए खरीदार ढूंढना काफी मुश्किल साबित हो रहा था, जिसने उन्हें जुआ कंपनियों की तरफ रुख करने पर मजबूर किया.
ECB ने दी सिर्फ 1 साल की छूटतमाम विवादों को देखते हुए द हंड्रेड बोर्ड ने एक बीच का रास्ता निकाला है और सट्टेबाजी के विज्ञापनों पर सख्त शर्तें लगाई हैं. सट्टेबाजी कंपनियों के साथ सिर्फ एक साल (2026) का ही करार किया जा सकता है. साल 2027 से इस टूर्नामेंट में गैंबलिंग विज्ञापनों पर पूरी तरह से बैन लागू हो जाएगा. इसके अलावा टीमें तभी गैंबलिंग फर्म से डील कर सकती हैं जब उनके पास कोई दूसरा रास्ता न बचा हो. इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को अपनी व्यक्तिगत या धार्मिक मान्यताओं के कारण सट्टेबाजी का प्रचार नहीं करना है, तो उसे अपनी जर्सी से उस लोगो को हटाने का पूरा अधिकार होगा. इसके साथ-साथ 18 साल से कम उम्र के किसी भी खिलाड़ी की जर्सी पर यह लोगो नहीं होगा.