कहां हैं राम मंदिर को दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटें? ट्रस्ट ने सिंधी समुदाय के सवालों का दिया जवाब
TV9 Bharatvarsh July 10, 2026 01:43 AM

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं और ट्रस्ट की ओर से नए बयान भी सामने आ रहे हैं. अब श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने 200 किलो चांदी के ईंटों के दान को लेकर चल रहे विवाद पर अपना जवाब दिया है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने अपने लेटर हेड पर वर्ल्ड सिंधी फोरम को जवाब देते हुए लिखा है कि उनके समाज द्वारा दान की गई चांदी की ईंटें सुरक्षित हैं और बैंक में हैं. इसका समय आने पर सही इस्तेमाल ट्रस्ट बोर्ड करेगा. उन्होंने ये भी लिखा है कि ये ईंटें गलाकर सुरक्षित रखवाई गई हैं. राम मंदिर को साल 2021 में ये 200 किलो चांदी की ईंटें दान की गई थीं.

दरअसल, विश्व सिंधी सेवा संगम ने कुछ दिन पहले ट्रस्ट को पत्र लिखकर पूछा था कि 26 जनवरी 2021 को दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों का आखिर क्या हुआ? समाज ने यह भी कहा था कि उन्हें आज तक न तो दान की आधिकारिक रसीद मिली और न ही यह बताया गया कि चांदी का इस्तेमाल मंदिर में कहां किया गया.

चांदी की ईंटों का रिकॉर्ड ट्रस्ट के रजिस्टर में दर्ज

अब ट्रस्ट ने अपने जवाब में साफ किया है कि सभी 200 किलो चांदी की ईंटों का रिकॉर्ड ट्रस्ट के मूल्यवान धातु रजिस्टर में दर्ज है. ट्रस्ट के मुताबिक, बाद में फैसला लेकर इन ईंटों समेत अन्य चांदी को पिघलाकर 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाली 20-20 किलो की सिल्वर बार तैयार कराई गईं. ट्रस्ट ने अपने जवाब के साथ तस्वीरें भी भेजी हैं, जिनमें चांदी का वजन और सिल्वर बार तैयार होने की प्रक्रिया दिखाई गई है. ट्रस्ट का कहना है कि ये सिल्वर बार फिलहाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित रखी गई हैं और भविष्य में ट्रस्ट के कार्यों में उपयोग की जाएंगी.

साथ ही ट्रस्ट ने विश्व सिंधी सेवा संगम से सभी 200 दानदाताओं का नाम, पता, मोबाइल, पैन और ईमेल उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि प्रत्येक दानदाता के नाम से अलग-अलग आधिकारिक रसीद जारी की जा सके यानी जिस दान को लेकर सिंधी समाज ने पारदर्शिता और जानकारी की मांग की थी, उसपर अब राम मंदिर ट्रस्ट ने दस्तावेजों और तस्वीरों के साथ अपना पक्ष सामने रख दिया है.

चढ़ावा चोरी मामले में नया खुलासा

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के दौरान अब एक नया पहलू सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, गड़बड़ी सिर्फ नोटों की गिनती के समय ही नहीं, बल्कि उससे पहले की प्रक्रिया में भी की जाती थी. बताया जा रहा है कि चढ़ावे में आए नोटों की गिनती मशीनों से होती थी. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जिम्मेदारी चढ़ावे से आए नोटों को व्यवस्थित तरीके से एक साथ लगाकर गिनती के लिए तैयार करने की थी.

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