Deepak Nandal Gang: गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 में गुरुवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ ने विदेश में बैठकर दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी का नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टर दीपक नांदल को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. पुलिस ने इस एनकाउंटर में नांदल गैंग के चार शूटरों को ढेर कर दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है. पुलिस के मुताबिक, गैंग के शूटर कारोबारी विशाल बेरी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहे थे. रकम नहीं मिलने पर उन्होंने घर में घुसकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई.
दीपक नांदल हरियाणा के सोनीपत जिले के जाजल गांव का रहने वाला है. अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर के तौर पर काम करता था. इसी दौरान कलाकारों और प्रोडक्शन कंपनियों से उसके संपर्क बने. बाद में उसने इन्हीं संपर्कों और अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपराध की दुनिया में प्रवेश किया. उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी और फायरिंग जैसे कई गंभीर मामलों में नाम सामने आ चुका है.
विदेश से चलाता है रंगदारी का नेटवर्कदीपक नांदल फिलहाल विदेश में बैठकर अपना गैंग संचालित कर रहा है. माना जा रहा है कि वह यूके, दुबई या पुर्तगाल में छिपा हो सकता है. वहीं से वह विदेशी नंबरों, इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया के जरिए अपने शूटरों को निर्देश देता है. उसका नेटवर्क गुरुग्राम, दिल्ली-एनसीआर, सोनीपत, रोहतक और हरियाणा के कई जिलों तक फैला हुआ है. गैंग मुख्य रूप से व्यापारी, बिल्डर, बिजनेसमैन और कलाकारों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश करता है.
विशाल बेरी केस से फिर चर्चा में आया गैंगताजा मामला गुरुग्राम के कारोबारी विशाल बेरी से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार गैंग ने उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. रकम नहीं मिलने पर पांच शूटर हथियारों के साथ उनके घर पहुंचे और परिवार को बंधक बनाकर फायरिंग शुरू कर दी. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शूटरों को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस पर भी गोलियां चला दीं. जवाबी कार्रवाई में चार शूटर मारे गए, जबकि एक घायल हो गया. इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए.
हाई-प्रोफाइल वारदातों में आया गैंग का नामदीपक नांदल गैंग का नाम पिछले दो वर्षों में कई चर्चित मामलों में सामने आया है. मई 2026 में हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया के मैनेजर सौरभ के घर पर फायरिंग की गई. फरवरी 2026 में गुरुग्राम के फैशन डिजाइनर मयंक चावला के लग्जरी शोरूम पर रंगदारी नहीं मिलने पर गोलियां चलाई गईं. इस मामले में मुख्य शूटर निलेश उर्फ ढीला बाद में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार हुआ.
सोशल मीडिया पर देता था धमकियांसितंबर 2025 में गुरुग्राम के एक बड़े बिल्डर के दफ्तर और घर पर फायरिंग के बाद दीपक नांदल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जिम्मेदारी ली थी. उसने पोस्ट में अन्य कारोबारियों को भी खुलेआम चेतावनी दी थी कि बकाया रकम नहीं देने वालों का भी यही अंजाम होगा. जांच एजेंसियों के अनुसार सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर डर का माहौल बनाना इस गैंग की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है.
हत्या से रंगदारी तक फैला अपराध का नेटवर्कदीपक नांदल गैंग केवल रंगदारी तक सीमित नहीं रहा. रोहित शौकीन हत्याकांड में भी इस गैंग का नाम सामने आया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि विरोधियों को खत्म करने और अपना दबदबा कायम रखने के लिए गैंग ने कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया. इन्हीं मामलों के बाद हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने दीपक नांदल को मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल किया.
एनकाउंटर से गैंग को बड़ा झटकापुलिस का मानना है कि गुरुग्राम में चार शूटरों के मारे जाने से दीपक नांदल गैंग को बड़ा झटका लगा है. हालांकि, जांच एजेंसियां अब भी विदेश में बैठे गैंग के सरगना और उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.