Monsoon में क्यों खुला छोड़ देना चाहिए Washing Machine का डोर? ये है कारण
TV9 Bharatvarsh July 10, 2026 01:43 PM

मानसून के मौसम में नमी का स्तर बढ़ जाता है, हवा में मौजूद नमी के कारण वॉशिंग मशीन के लिए अपने-आप सूखना मुश्किल हो जाता है. वॉशिंग मशीन हर धुलाई के दौरान पानी के संपर्क में आती है, इसलिए बढ़ी हुई नमी की वजह से ड्रम, गैस्केट और डिटर्जेंट ट्रे में बची हुई नमी ज्यादा देर तक बनी रहती है. समय के साथ, नमी के कारण मशीन के अंदर फफूंदी और बैक्टीरिया पनपने लग सकते हैं, जिससे बदबू पैदा होती है जो कपड़ों में भी आ जाती है और मशीन के अंदरूनी हिस्सों को लंबे समय में नुकसान पहुंचाती है.

मानसून में नमी से मशीन को नुकसान

सामान्य मौसम में, ड्रम के अंदर बचा पानी काफी तेजी से सूख जाता है क्योंकि आस-पास की हवा उसे सोखने में मदद करती है. मानसून के दौरान, आस-पास की हवा में नमी कई दिनों तक ज्यादा बनी रहती है, इसलिए मशीन के अंदर की नमी भी रह जाती है और ये पूरी तरह से सूख नहीं पाती है. फ्रंट-लोड मशीनों का रबर डोर सील ख़ास तौर पर संवेदनशील होता है, क्योंकि धोने का साइकल खत्म होने के बाद भी इसकी सिलवटों में पानी जमा रहता है, जिससे यह उन पहली जगहों में से एक बन जाता है जहां फफूंद (mould) पनपती है. एक बार फफूंद लग जाए, तो यह सिर्फ मशीन को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि अगली बार कपड़े धोने पर उन पर भी लग जाती है, जिससे साफ होने के बाद भी कपड़ों से बदबू आने लगती है.

मनीकंट्रोल के मुताबिक, वॉशिंग मशीन इस्तेमाल करने वालों के लिए मॉनसून में सबसे अच्छी आदत यह है कि हर बार कपड़े धोने के बाद मशीन का दरवाजा और डिटर्जेंट ट्रे तुरंत बंद करने के बजाय कुछ घंटों के लिए खुला छोड़ दें. इससे अंदर फंसी हवा बाहर निकल पाती है और ड्रम व गैस्केट से नमी सूख जाती है. दरवाजा बंद करने से पहले रबर सील को सूखे कपड़े से पोंछने से सुरक्षा और बेहतर हो जाती है. टॉप-लोड मशीन इस्तेमाल करने वालों को भी यही तरीका अपनाना चाहिए और कपड़े धोने के बीच में ढक्कन खुला रखना चाहिए.

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