Maharashtra fake milk: महाराष्ट्र में मिलावटी दूध के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. मुंबई के दहिसर (पूर्व) इलाके में मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और बृहन्मुंबई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ अभियान चलाकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर नामी ब्रांडों के दूध में मिलावट कर उसे दोबारा बाजार में बेचने का आरोप है.
अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि दहिसर (पूर्व) स्थित राजेश कंपाउंड के पास दुबे चॉल नंबर-2 के कमरा बी-3 में मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा है. सूचना के आधार पर टीम ने छापा मारकर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया.
470 लीटर मिलावटी दूध और नकली पैकेट बरामदछापेमारी के दौरान करीब 470 लीटर दूध बरामद किया गया. जांच में सामने आया कि अमूल ताज़ा, अमूल गोल्ड, अमूल बफेलो और गोकुल जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के असली दूध के पैकेटों से दूध निकालकर उसमें मिलावट की जाती थी. इसके बाद पैकेटों को दोबारा सील कर असली उत्पाद के रूप में बाजार में बेचा जाता था.
कार्रवाई के दौरान 327 खाली और कथित रूप से नकली ब्रांडेड दूध के पैकेट, पैकेट दोबारा सील करने वाले उपकरण और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया. जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 39,750 रुपये बताई गई है. वहीं, लगभग 29,750 रुपये मूल्य का मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट कर दिया गया.
गंदा पानी मिलाकर दोबारा बेचा जाता था दूधपुलिस के अनुसार आरोपी असली दूध के पैकेटों से दूध निकालकर उसमें गंदा पानी मिलाता था. इसके बाद गर्मी की मदद से पैकेटों को दोबारा सील कर बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेच देता था. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का मिलावटी दूध खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था.
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और खाद्य सुरक्षा कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 मामले की जांच कर रही है.
छत्रपति संभाजीनगर में भी FDA की बड़ी कार्रवाईउधर, छत्रपति संभाजीनगर जिले के फुलंब्री स्थित सिद्धेश्वर दूध डेयरी पर भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने छापा मारा. जांच के दौरान 496 किलोग्राम गोवर्धन व्हे परमिएट पाउडर और म्लेकपोल व्हे परमिएट पाउडर के आधार पर मिलावटी दूध तैयार किए जाने का संदेह मिला. अधिकारियों ने मिलावटी दूध और संबंधित पाउडर जब्त कर लिया.
FDA ने कार्रवाई करते हुए संबंधित दो प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्य सरकार की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है.