पुणे बिल्डिंग हादसा: 45 घंटे में भी नहीं हटा मलबा… 7-8 लोगों के फंसे होने की आशंका
TV9 Bharatvarsh July 10, 2026 05:43 PM

Pune Building Collapse: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी इलाके में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास ढही तीन मंजिला इमारत के मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए पिछले 45 घंटे से राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है. एनडीआरएफ, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं, लेकिन भारी मात्रा में फैले कचरे और मलबे के कारण बचाव कार्य में लगातार मुश्किलें आ रही हैं.

बीते बुधवार दोपहर यह इमारत पुराने कचरे के विशाल ढेर के पास अचानक ढह गई थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 18 से 23 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई थी. अब तक नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है. मृतक की पहचान भावेश वाणी के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मलबे में कितने लोगो के फंसे होने की आशंका?

एनडीआरएफ के अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी 7 से 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. बचाव दल को दो लोग दिखाई दिए हैं, लेकिन वे किसी प्रकार की हरकत नहीं कर रहे हैं और गंभीर रूप से घायल लग रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस हिस्से में भारी मशीनों का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि कंपन से मलबा और खिसक सकता है. इसलिए कई स्थानों पर हाथ से मलबा हटाकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है.

NDRF और सेना की टीमें तैनात

हादसे के बाद एनडीआरएफ, सेना, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA), दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं. अधिकारियों के अनुसार, मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार बिना रुके जारी रहेगा.

कैसे हुआ हादसा?

शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का विशाल ढेर कमजोर होकर भूस्खलन की तरह इमारत पर आ गिरा, जिससे पूरी इमारत ढह गई. हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है.

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