Supreme Court के आदेश का पालन करे कर्नाटक सरकार, जीबीए चुनाव कराए : भाजपा नेता नारायणस्वामी
Indias News Hindi July 11, 2026 01:42 AM

Bengaluru, 10 जुलाई . कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने Friday को राज्य Government से Supreme Court के निर्देशों का सम्मान करने और ग्रेटर Bengaluru अथॉरिटी (जीबीए) के चुनाव कराने का आग्रह किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस Government हार के डर से चुनाव में देरी करने की कोशिश कर रही है.

राज्य भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि Bengaluru के निवासी लंबे समय से निकाय चुनावों का इंतजार कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, “Government को Supreme Court के आदेश का पालन करना चाहिए और जीबीए चुनाव कराने चाहिए. कांग्रेस Government के पास चुनाव टालने के कई कारण हैं. Bengaluru खराब बुनियादी ढांचे, गड्ढों वाली सड़कों, कचरे की समस्या और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. Government को मतदाताओं का सामना करने से डर लगता है.”

उन्होंने कांग्रेस Government पर चुनावी संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए ग्रेटर Bengaluru अथॉरिटी ढांचे के तहत Bengaluru को पांच नगर निगमों में बांटने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया, “उन्होंने केम्पेगौड़ा के Bengaluru को पांच निगमों में इस उम्मीद में बांट दिया है कि अगर वे कुछ जगहों पर हार भी जाते हैं, तो भी एक या दो निगम जीतकर अपना प्रतिनिधित्व बनाए रख सकते हैं.”

नारायणस्वामी ने चुनाव कराने के लिए Supreme Court से समय बढ़ाने की राज्य Government की मांग की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के चल रहे ‘विशेष गहन संशोधन’ का इस्तेमाल सिर्फ बहाने के तौर पर किया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया, “उन्हें एहसास है कि अगर अभी चुनाव हुए तो एक भी निगम जीतना मुश्किल होगा. इसलिए, उन्होंने एसआईआर का हवाला देते हुए Supreme Court का रुख किया है.”

नारायणस्वामी ने मतदाता सूची संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि एसआईआर से किसी के भी वोटिंग अधिकार नहीं छीने जाते, बल्कि इसका मकसद मतदाता सूची से अयोग्य लोगों के नाम हटाना है.

उन्होंने कहा, “मृत लोगों के नाम वोटर लिस्ट में कैसे रह सकते हैं? उन्हें हटाना ही होगा. इसी तरह, अगर बिना वैध दस्तावेजों के लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, तो उनके नाम भी हटाए जाने चाहिए.”

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान ग्रुप में फॉर्म भरे जा रहे थे. भाजपा ने यह मामला चुनाव आयोग के ध्यान में लाया है. बूथ लेवल ऑफिसर्स और बूथ लेवल एजेंट्स को घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करना चाहिए.

नारायणस्वामी ने Bengaluru के इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करते हुए कांग्रेस Government पर पिछले तीन सालों में शहर के विकास को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्‍होंने पूछा, “Bengaluru का विकास कोई ऐसी चीज नहीं है, जिस पर बस बातें होती रहें, इसके लिए काम करने की जरूरत है. क्या वे पिछले तीन सालों से सो रहे थे? मौजूदा Chief Minister खुद Bengaluru के इंचार्ज थे, तब उन्होंने इन मुद्दों पर ध्यान क्यों नहीं दिया?”

नारायणस्वामी ने Government से अपील की कि मानसून के जोर पकड़ने से पहले सड़कों के गड्ढों को तुरंत ठीक किया जाए, ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाया जाए और कचरा हटाया जाए. अगर जोरदार बारिश जारी रही, तो लोगों को नाव से चलना पड़ सकता है. Government को यह पक्का करना चाहिए कि बारिश का पानी निकालने वाले नाले साफ हों और पानी आसानी से बह सके.

भाजपा नेता ने सड़क मरम्मत के कामों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले जहां गड्ढों की मरम्मत बहुत कम खर्च में हो जाती थी, वहीं हाल के कामों में बहुत ज्‍यादा खर्च हुआ है. लोग कहते हैं कि एक गड्ढे को ठीक करने में लगभग 1 लाख रुपए का खर्च आया है. Chief Minister को इन आरोपों की जांच का आदेश देना चाहिए. ग्रामीण इलाकों में इतनी रकम से कुआं खोदा जा सकता है और पीने का पानी मुहैया कराया जा सकता है.

नारायणस्वामी ने कांग्रेस Government से यह भी अपील की कि वह सिर्फ Bengaluru पर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास पर ध्यान दे. उन्होंने परमानेंट रेजिडेंसी सर्टिफिकेट (पीआरसी) जारी करने के प्रस्ताव पर ऐसे उपाय को लागू करने के राज्य के अधिकार पर सवाल उठाया.

उन्‍होंने कहा, “वे परमानेंट रेजिडेंसी सर्टिफिकेट जारी करने वाले कौन होते हैं? परमानेंट रेजिडेंसी का सीधा संबंध नागरिकता से है, और यह राज्य Government के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है.”

एएसएच/एबीएम

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