असम बिहू और माजुली की वैष्णव विरासत के लिए यूनेस्‍को का दर्जा करेगा हासिल
Indias News Hindi July 11, 2026 03:42 AM

गुवाहाटी, 10 जुलाई . असम Government ने Friday को राज्य की कुछ सबसे मशहूर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए यूनेस्‍को की मान्यता हासिल करने का एक बड़ा रोडमैप घोषित किया. इनमें बिहू, माजुली की वैष्णव सांस्कृतिक परंपरा और शिवसागर में अहोम राजधानी रंगपुर शामिल हैं.

वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने असम विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य यूनेस्‍को की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और अमूर्त विरासत श्रेणियों के तहत नामांकन की कोशिश करेगा. इसका मकसद असम की अनोखी विरासत को बचाना और उसकी वैश्विक पहचान को बढ़ाना है.

यह पहल ‘चराईदेव मोइदम’ के यूनेस्‍को विश्व धरोहर स्थल के रूप में सफल नामांकन के बाद की गई है. राज्य Government ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने असम की समृद्ध सभ्यतागत विरासत को पेश करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया था.

बरुआ ने कहा कि प्रस्तावित नामांकन चरणों में किए जाएंगे. उम्मीद है कि इससे विरासत संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और साथ ही सांस्कृतिक पर्यटन और वैश्विक जुड़ाव के नए मौके बनेंगे.

विरासत संरक्षण एजेंडे के तहत, राज्य Government ने यह भी घोषणा की कि ‘रंग घर संरक्षण परियोजना’ पर काम में तेजी लाई जाएगी.

अहोम-युग के एक और प्रमुख स्मारक, ऐतिहासिक ‘करेन्ग घर’ के जीर्णोद्धार, संरक्षण और पर्यटकों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास का काम भी किया जाएगा.

बजट में असम की वैष्णव विरासत को संरक्षित करने पर भी जोर दिया गया. असम Government ने कहा कि 15वीं सदी के संत-सुधारक श्रीमंत शंकरदेव के जीवन के अंतिम वर्षों से जुड़े पवित्र स्थल ‘मधुपुर सत्र’ के व्यापक विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाएगी.

इस परियोजना में विरासत संरक्षण, तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल होगा. राज्य की मठ-संबंधी परंपराओं के संरक्षण को संस्थागत रूप देने के लिए, राज्य Government ने घोषणा की कि ‘असम सत्र आयोग’ का गठन किया जाएगा और उसे अधिकार संपन्न बनाया जाएगा.

बजट में राष्ट्रीय दर्शकों के सामने असम की सांस्कृतिक पहचान को पेश करने के लिए New Delhi में एक भव्य बिहू उत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया.

एक और बड़ी सांस्कृतिक पहल के तहत, राज्य Government ने महान अहोम सैन्य कमांडर लचित बरफुकन और स्वतंत्रता सेनानी शहीद कुशल कोंवर पर कमर्शियल फीचर फिल्में बनाने के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की. इसमें India रत्न भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम को New Delhi में आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया.

ये पहल राज्य Government की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद असम की विरासत को संरक्षित करना और साथ ही राज्य को सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के लिए एक प्रमुख केंद्र के तौर पर स्थापित करना है.

एएसएच/एमएस

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