अजरबैजान में भारतीय समुदाय से मिले राजदूत अभय कुमार, सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने पर जोर
Indias News Hindi July 11, 2026 03:42 AM

बाकू, 10 जुलाई . अजरबैजान में India के राजदूत अभय कुमार ने Friday को भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और समुदाय से जुड़ी आने वाली गतिविधियों पर चर्चा की.

बाकू मलयाली एसोसिएशन (बीएमए) की कार्यकारी समिति के सदस्य प्रवीणकुमार रामचंद्रन नायर और अनस मीरासाहिब ने Friday को राजदूत अभय कुमार से मुलाकात की. उन्होंने एसोसिएशन की आने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी, जिसमें एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन शामिल है.

राजदूत अभय कुमार ने सुझाव दिया कि बीएमए टूर्नामेंट में अजरबैजान के खिलाड़ियों की ज्यादा भागीदारी को बढ़ावा दे, ताकि वहां क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में मदद मिल सके. उन्होंने कहा कि खेल India और अजरबैजान के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने का एक अच्छा माध्यम हैं.

अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्‍स’ पर बताया कि बातचीत के दौरान बीएमए के आने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई, जिसमें ओणम उत्सव भी शामिल है. राजदूत ने एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और एक-दूसरे को बेहतर समझने में अहम भूमिका निभाते हैं.

भारतीय एसोसिएशन ऑफ अजरबैजान के अध्यक्ष प्रशांत मिश्रा ने भी राजदूत अभय कुमार से मुलाकात की. इस दौरान एसोसिएशन की आगामी गतिविधियों और भारत-अजरबैजान के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर चर्चा हुई.

राजदूत ने India की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआइयू-आईएनडी) के निदेशक अमित मोहन गोविल से भी मुलाकात की, जो एगमोंट ग्रुप की पूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए बाकू में हैं. राजदूत ने एफआइयू-आईएनडी को बाकू में आयोजित प्रतिष्ठित बेस्ट एगमोंट केस अवॉर्ड 2026 में रनर-अप स्थान हासिल करने पर बधाई दी.

इससे पहले Thursday को राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के प्राचीन गांव खिनालिग का दौरा किया. यह देश के सबसे पुराने पहाड़ी गांवों में से एक है. उन्हें गांव की अनोखी भाषा, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और खास पत्थर की वास्तुकला के बारे में जानकारी दी गई.

उन्होंने खिनालिग के हिस्टोरिकल और एथनोग्राफिक म्यूजि‍यम का भी दौरा किया, जहां उन्होंने दुर्लभ पुरातात्विक खोजों, पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों और पारंपरिक वस्तुओं को देखा, जो गांव की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं.

उन्होंने Thursday को रेड विलेज का भी दौरा किया, जहां माउंटेन यहूदी समुदाय रहता है. इस समुदाय ने सदियों से अपनी अलग भाषा, परंपराओं और विरासत को संभालकर रखा है. राजदूत ने वहां के ऐतिहासिक यहूदी धर्मस्थल और माउंटेन ज्यूइश म्यूजियम का दौरा किया, जहां उन्होंने संग्रहालय के निदेशक इगोर शाउलोव से मुलाकात की.

उन्हें संग्रहालय में रखी गई चीजों के बारे में जानकारी दी गई और माउंटेन यहूदी समुदाय के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने का मौका मिला.

एवाई/एबीएम

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.