महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने राज्य में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध डिजिटल नेटवर्क की जांच के तहत एक बार फिर कई जिलों में समन्वित कार्रवाई की है. छत्रपति संभाजीनगर, जालना, धाराशिव, बीड और नासिक के मालेगांव समेत कई स्थानों पर ATS की टीमों ने छापेमारी कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की. जांच का केंद्र उन लोगों पर है, जिनके सोशल मीडिया अकाउंट या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क होने का संदेह है.
मालेगांव में दो घंटे तक पूछताछसूत्रों के अनुसार, नासिक जिले के मालेगांव के रमजानपुरा इलाके में ATS की टीम ने एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. टीम ने करीब दो घंटे तक उससे पूछताछ की और उसके घर की तलाशी लेकर मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की. पूछताछ के बाद कोई आपत्तिजनक सामग्री या संदिग्ध साक्ष्य नहीं मिलने पर युवक को छोड़ दिया गया. इसके बाद ATS ने स्थानीय रमजानपुरा पुलिस थाने में भी आवश्यक जांच-पड़ताल की. फिलहाल मामले की तकनीकी जांच जारी है.
मराठवाड़ा में हिरासत में 13 संदिग्धमराठवाड़ा क्षेत्र में ATS ने एक साथ कई जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 13 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. इनमें छत्रपति संभाजीनगर के 9, जालना के 2, धाराशिव के 1 और बीड के 1 संदिग्ध शामिल हैं. सभी को पूछताछ के लिए छत्रपति संभाजीनगर स्थित ATS कार्यालय लाया गया, जहां उनके सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल, डिजिटल गतिविधियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.
सोशल मीडिया नेटवर्क पर ATS की नजरजांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान में सक्रिय गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उससे जुड़े नेटवर्क सोशल मीडिया के माध्यम से भारत में युवाओं से संपर्क बनाने, उन्हें प्रभावित करने तथा कथित तौर पर आपराधिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.
इसी इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र ATS लगातार डिजिटल सर्विलांस और राज्यव्यापी कार्रवाई कर रही है. इससे पहले भी ATS राज्यभर में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर दर्जनों लोगों से पूछताछ कर चुकी है.
आपराधिक साजिश का आधिकारिक दावाATS अधिकारियों ने फिलहाल किसी गिरफ्तारी या आपराधिक साजिश का आधिकारिक दावा नहीं किया है. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई संदिग्ध डिजिटल संपर्कों के सत्यापन और तकनीकी जांच का हिस्सा है. पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.