R Madhavan on 3 Idiots Remake: ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी में अजीत डोभाल का किरदार निभाकर आर माधवन ने जितनी तारीफें बटोरी हैं, उससे कहीं ज्यादा ‘3 इडियट्स’ फिल्म में उनका आइकॉनिक रोल ऑडियंस में पॉपुलर है. राजकुमार हिरानी की इस फिल्म में माधवन ने फरहान का रोल किया था. इस रोल से उन्हें बहुत शोहरत मिली, लेकिन इतना प्यार मिलने के बावजूद आर माधवन ने शंकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के तमिल रीमेक ‘नानबन’ में वही रोल करने के लिए इनकार कर दिया था. सालों बाद आर माधवन ने ‘3 इडियट्स’ के तमिल रीमेक को रिजेक्ट करने की वजह बताई है. एक्टर ने बताया कि जब शंकर ने ‘3 इडियट्स’ के तमिल अडैप्टेशन का आइडिया उनके सामने रखा, तो उन्हें शंकर के इरादे पसंद नहीं आए.
एक पुरानी बातचीत में आर माधवन ने ‘3 इडियट्स’ के तमिल रीमेक को रिजेक्ट करने के अपने फैसले के बारे में बात की. इस दौरान उन्होंने शेयर किया कि उन्हें तमिल वर्जन की फिल्म बनाने के प्रोसेस पर भरोसा नहीं था. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ‘नानबन’ को क्यों ठुकराई, तो माधवन ने अपनी जिंदगी का एक “बड़ा फॉर्मूला” बताया जो अक्सर उनके काम आया है.
3 इडियट्स रीमेक पर बोले आर माधवनबातचीत के दौरान माधवन ने कहा, “मेरी जिंदगी का एक बड़ा फॉर्मूला है- जो साफ-साफ दिख रहा है, उससे आगे का भी देखो. अगर सिर्फ ऊपर-ऊपर देखा जाए तो तमिल में ‘3 Idiots’ करना फायदे का सौदा था. अगर आप टिक बॉक्स देखें तो साफ था कि ‘3 Idiots’ का तमिल वर्जन हिट होगा. थलपति विजय का लीड रोल था.
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क्यों नहीं करना चाहते थे फिल्म?आर माधवन ने कहा कि हिंदी फिल्म में फरहान के किरदार को निभाते हुए उन्होंने उसे पूरी तरह जिया था, लेकिन दोबारा वही किरदार निभाना उन्हें सही नहीं लगा. उन्होंने कहा, “जब मैं ‘3 Idiots’ कर रहा था, तब मैंने उस किरदार को महसूस किया और उसे बनाया. अगर मैं दोबारा वही करता तो सिर्फ उसे रिप्रोड्यूस कर रहा होता. हर बार एक्टिंग करते समय आपका एक अलग एक्सपीरियंस होता है. अगर मैं वहां जाकर खराब परफॉर्म कर देता तो इसकी पूरी उम्मीद थी, क्योंकि एक तरह की लापरवाही आ जाती है कि मैं ये पहले कर चुका हूंं. फरहान के तौर पर जो अच्छी पहचान मैंने बनाई थी, वो मिट जाती और लोग यही याद रखते.”
जब बजी खतरे की घंटीआर माधवन ने ये भी बताया कि डायरेक्टर शंकर की एक बात ने उनके मन में सवाल खड़े कर दिए थे. उन्होंने कहा, “मेरा इरादा था कि मैं ये फिल्म नहीं करना चाहता. लेकिन आपको अपनी बात सही तरीके से रखनी होती है. इसलिए मैंने कहा कि डेट्स की दिक्कत है या मैं इस रोल के लिए ज्यादा उम्र का हो गया हूं. जब मैंने ‘3 Idiots’ की थी, तब भी मैं 40 साल का था और शंकर अपनी फिल्म पूरी करने में लंबा वक्त लेते हैं. मुझे लगा कि फिल्म पूरी होते-होते मैं 50 के करीब पहुंच जाऊंगा और तब एक युवा किरदार निभाना सही नहीं लगेगा.”
धर्म की तरह था किरदारएक्टर ने आगे कहा कि शंकर की एक और बात उन्हें खटक गई थी. उनके मुताबिक, “शंकर ने मुझसे कहा था कि मैं इतने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट कर चुका हूं और अब एक ‘Quickie’ करना चाहता हूं. मैं ‘3 Idiots’ बनाकर आगे बढ़ना चाहता हूं. ये सुनकर मेरे दिमाग में अलार्म बज गया. मैंने सोचा, आप 3 Idiots को Quickie की तरह नहीं देख सकते. ये फिल्म वैसी नहीं है.” माधवन ने आखिर में बताया कि उनके लिए ‘3 Idiots’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी. उन्होंने कहा, “जब मैं फरहान का किरदार निभा रहा था, तब वो मेरे लिए एक धर्म की तरह था.” उन्होंने याद किया कि राजकुमार हिरानी से कहानी सुनते ही वो इस किरदार से पूरी तरह जुड़ गए थे.