WFH Survey: साल 2019 में जब COVID महामारी आई थी, उससे पहले कोई भी वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट नहीं जानता था. खासतौर से भारत में. लेकिन इस महामारी के बाद से लोगों ने वर्क फ्रॉम हो किया और उन्हें ये काफी पसंद आया. हालांकि करीब 2-3 साल लागातर गऱ से ऑफिस का काम करना थोड़ा सा एग्जॉस्टिंग भी लगने लगा था. लेकिन अब जब एक बार फिर से वर्क फ्रॉम ऑफिस शुरू हुआ, तब लोगों को फिर WFH की याद आई. इसी बीच अब अब एक सर्वे में कुछ नई ही बात सामने आई है.
WFH सर्वे में क्या आया सामने?
दरअसल हाल ही में ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया वॉइस ऑफ इंडिया 2025 का एक सर्वे सामने आया है. इसके अनुसार, अगर कर्मचारियों को ऑप्शन मिले तो 39% लोग हाइब्रिड वर्क मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. सर्वे में बताया गया है कि प्रोफेशनल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारी हाइब्रिड मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. अब कंपनियां इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं कि कर्मचारी कहां से काम कर रहे हैं, इसके बजाय वो कितना अच्छा काम कर रहे हैं.
क्या है हाइब्रिड वर्क मॉडल?
हाइब्रिड वर्क मॉडल 'वर्क फ्रॉम होम' और 'वर्क फ्रॉम ऑफिस' का मिक्सचर है. इसमें कर्मचारी को हफ्ते में दो या तीन दिन ऑफिस जाना होता है और बाकी दिन वो घर से काम करता है. इसे ही हाईब्रिड वर्क मॉडल कहते हैं. इससे घर पर आराम से रहकर काम भी हो जाता है और कुछ दिन ऑफिस से काम करने पर माइंड भी फ्रेश हो जाता है. इसलिए लोग इसे काफी पसंद करते हैं.
हाइब्रिड वर्क मॉडल के क्या फायदे हैं?
हाइब्रिड वर्क मॉडल के कई सारे फायदे होते हैं, जैसे:
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WFO होगा खत्म?
इस सर्वे की मानें तो ऐसा नहीं है. कई ऐसे सेक्टर हैं जहां ऑफिस या साइट पर मौजूद रहकर काम करना जरूरी है. उदाहरण के लिए, मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन सेक्टर में 72% कर्मचारी आज भी मुख्य रूप से वर्कप्लेस पर जाकर काम करते हैं. वहीं, ऑन-साइट काम करने वाले 59% कर्मचारी अपने नियोक्ता के दफ्तर या फैक्ट्री से काम करते हैं.