राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर एसआईटी का शिकंजा! चंपत राय के खिलाफ मुखर संतोष दुबे से लंबी पूछताछ
Newsindialive Hindi July 13, 2026 10:42 AM

उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर अयोध्या में भगवान श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी के कथित मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को एसआईटी ने हिंदू धर्मसेना प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष दुबे को तलब कर उनसे लंबी और सिलसिलेवार पूछताछ की। संतोष दुबे लंबे समय से मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामलों को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ मुखर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब जांच का दायरा बढ़ने और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में हुई वर्चुअल और प्रत्यक्ष पूछताछ

रविवार को अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) नगर कार्यालय में एसआईटी की सदस्य और जांच अधिकारी किरण एस ने संतोष दुबे से लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इस दौरान एसआईटी ने उनके द्वारा लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों की एक-एक कड़ी को परखा। संतोष दुबे ने मीडिया और विभिन्न मंचों पर मंदिर में चढ़ावा चोरी के अलावा कम कीमत की जमीनों को महंगे दामों पर खरीदे जाने जैसे कई वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए थे। एसआईटी ने उनके इन बياनों के आधार पर उनसे तार्किक और कानूनी सवाल किए तथा इन दावों को साबित करने के लिए ठोस दस्तावेजों की मांग की।

2002 से लेकर अब तक के जमीन सौदों और राम शिलाओं का मांगा ब्योरा

पूछताछ के दौरान एसआईटी ने संतोष दुबे से पूछा कि उनके पास चढ़ावा चोरी और अन्य घोटालों को लेकर क्या आधार व रिकॉर्ड हैं। इसके जवाब में संतोष ने वर्ष 2002 में 1250 राम शिलाओं की चोरी के पुराने मामले से लेकर वर्तमान चढ़ावा चोरी तक का पूरा सिलसिलेवार ब्योरा एसआईटी के समक्ष रखा। उन्होंने जांच टीम को बताया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से इस तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं, लेकिन मामले की आड़ में केवल छोटे-छोटे कर्मचारियों को मोहरा बनाया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदार उच्च पदाधिकारी इस पूरे खेल से बचते आ रहे हैं।

आज एसआईटी को सौंपे जाएंगे सभी दस्तावेजी सबूत

देर शाम पुलिस कार्यालय से बाहर आने के बाद संतोष दुबे ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि एसआईटी ने उनके आरोपों से जुड़े तमाम डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड मांगे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास सभी मामलों के पुख्ता और सुरक्षित दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वे सोमवार को आधिकारिक रूप से लखनऊ और एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत कर देंगे। संतोष दुबे ने दो-ूक शब्दों में कहा कि अयोध्या और राम मंदिर के इस पवित्र कलंक को मिटाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, और यदि उनके आरोप झूठे साबित होते हैं, तो वे हर प्रकार का कानूनी दंड भुगतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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