भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि बड़ी ऑटो कंपनियां इस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं. हालांकि निसान का मानना है कि भारतीय बाजार अभी पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों के लिए तैयार नहीं हुआ है. कंपनी का कहना है कि वह सिर्फ ट्रेंड को देखकर जल्दबाजी में EV लॉन्च नहीं करेगी, बल्कि सही समय आने पर ही इस सेगमेंट में कदम रखेगी.
निसान के EMEA Oceania क्षेत्र के चेयरमैन Massimiliano Messina के मुताबिक, कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक कार लाने की शुरुआत 2028 के आसपास कर सकती है. हालांकि अभी तक किसी मॉडल, प्रोडक्शन प्लांट या लॉन्च की तारीख की पुष्टि नहीं की गई है. कंपनी का कहना है कि वह तभी EV लॉन्च करेगी जब बाजार उसके लिए पूरी तरह तैयार होगा और लोगों की मांग भी पर्याप्त होगी.
निसान का मानना है कि फिलहाल भारतीय ग्राहकों के बीच पेट्रोल और CNG कारों की मांग ज्यादा मजबूत है. इसलिए कंपनी पहले अपने मौजूदा पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है. इसके लिए नए पेट्रोल, CNG और ऑटोमैटिक मॉडल बाजार में उतारे जाएंगे, जिससे बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी. कंपनी का मानना है कि इस रणनीति से उसे इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने से पहले मजबूत ग्राहक आधार तैयार करने का मौका मिलेगा.
कंपनी ने यह भी कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. पहले जहां यह करीब 4 फीसदी मानी जाती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 6 से 8 फीसदी तक पहुंच चुकी है. इसके बावजूद निसान का मानना है कि इस बढ़ोतरी में सरकारी नीतियों, फ्यूल एफिशिएंसी रूल्स, कंपनियों के लक्ष्य और प्रोत्साहन योजनाओं की भी बड़ी भूमिका है. इसलिए कंपनी केवल मौजूदा आंकड़ों के आधार पर जल्दबाजी में निवेश नहीं करना चाहती.
निसान पिछले कुछ सालों से भारत में सीमित मॉडल लाइनअप के साथ काम कर रही थी. लंबे समय तक कंपनी की सबसे प्रमुख कार केवल मैग्नाइट रही, जिसकी वजह से उसकी बिक्री पर असर पड़ा. अब कंपनी अपने पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है. हाल ही में उसने ग्रेवाइट MPV और नई टेकटन SUV पेश की है. इसके अलावा 2027 की शुरुआत में एक नई 7-सीटर C-सेगमेंट SUV भी लॉन्च करने की तैयारी चल रही है. इन नए मॉडल के जरिए कंपनी भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है.
निसान भारत को केवल घरेलू बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े एक्सपोर्ट हब के तौर पर देख रही है. कंपनी की मैग्नाइट पहले से ही कई देशों में भारत से निर्यात की जाती है. इससे चेन्नई स्थित प्लांट और सप्लाई चेन को बेहतर यूज मिलता है. कंपनी का मानना है कि भविष्य में कोई भी नया मॉडल तभी सफल होगा, जब उसकी घरेलू बिक्री के साथ-साथ एक्सपोर्ट की भी अच्छी उम्मीद हो.
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