Astrology: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, उच्च पद और अच्छी सेहत का कारक माना गया है. यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो, तो व्यक्ति जीवन में राजा की तरह सुख भोगता है. वहीं, सूर्य के कमजोर या पीड़ित होने पर व्यक्ति को न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बल्कि उसका बना-बनाया करियर भी तबाह हो सकता है.
आइए जानते हैं कुंडली में सूर्य कमजोर होने के मुख्य लक्षण और इसे मजबूत करने के अचूक उपाय.
कमजोर सूर्य के मुख्य लक्षण
जब कुंडली में सूर्य की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तो इसके संकेत आपके शरीर और कार्यक्षेत्र में साफ दिखाई देने लगते हैं:
सूर्य देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है उन्हें नियमित रूप से अर्घ्य देना. गलत तरीके से दिया गया अर्घ्य लाभ की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए इन नियमों का पालन जरूर करें:
अगर आप भी सूर्य दोष से परेशान हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के ये 7 उपाय आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं:
माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान: सूर्य पिता के कारक हैं. इसलिए रोजाना अपने पिता, गुरु और बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें.
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: रविवार के दिन या नियमित रूप से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं.
रविवार का व्रत: सूर्य देव की कृपा पाने के लिए रविवार का व्रत रखें. इस दिन नमक का सेवन करने से बचें और मीठा भोजन करें.
तांबे की अंगूठी धारण करें: दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (Ring Finger) में तांबे की अंगूठी पहनने से सूर्य का सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है.
दान पुण्य करें: रविवार के दिन जरूरतमंदों को गेहूं, तांबा, गुड़, लाल कपड़े या रूबी रत्न का दान करना शुभ माना जाता है.
गाय को रोटी खिलाएं: रोजाना या हर रविवार को गेहूं की बनी रोटी में गुड़ रखकर गाय को खिलाएं.
पूर्व दिशा को साफ रखें: अपने घर की पूर्व दिशा (East) को हमेशा साफ-सुथरा और खुला रखें, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके.
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