करियर में आ रही हैं बाधाएं? शरीर में दिखने वाले ये लक्षण बताते हैं कमजोर है 'सूर्य', आज ही बदलें अर्घ्य देने का तरीका
हर्षिका मिश्रा July 13, 2026 06:12 PM

Astrology: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, उच्च पद और अच्छी सेहत का कारक माना गया है. यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो, तो व्यक्ति जीवन में राजा की तरह सुख भोगता है. वहीं, सूर्य के कमजोर या पीड़ित होने पर व्यक्ति को न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बल्कि उसका बना-बनाया करियर भी तबाह हो सकता है.

आइए जानते हैं कुंडली में सूर्य कमजोर होने के मुख्य लक्षण और इसे मजबूत करने के अचूक उपाय.

कमजोर सूर्य के मुख्य लक्षण 
जब कुंडली में सूर्य की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तो इसके संकेत आपके शरीर और कार्यक्षेत्र में साफ दिखाई देने लगते हैं:

शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण

  • हड्डियों और आंखों की समस्या: सूर्य को हड्डियों और आंखों का कारक माना जाता है. सूर्य कमजोर होने पर आंखों की रोशनी कम होना, सिरदर्द रहना और हड्डियों में कमजोरी या दर्द की शिकायत रहती है.
  • अत्यधिक थकान और सुस्ती: व्यक्ति बिना किसी भारी काम के भी हमेशा थका हुआ और ऊर्जाहीन महसूस करता है.
  • हृदय संबंधी परेशानियां: कुछ मामलों में दिल से जुड़ी बीमारियां या ब्लड प्रेशर की समस्या भी बढ़ जाती है.

करियर और सामाजिक जीवन में दिखने वाले लक्षण

  • नौकरी में प्रमोशन रुकना: कड़ी मेहनत के बाद भी कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से अनबन रहती है और अप्रेजल या प्रमोशन में बाधाएं आती हैं.
  • मान-सम्मान में कमी: व्यक्ति को समाज या परिवार में वह प्रतिष्ठा नहीं मिलती जिसके वह हकदार हैं. बिना वजह झूठे आरोप या अपयश का सामना करना पड़ सकता है.
  • आत्मविश्वास की कमी: निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है और व्यक्ति हर काम में संकोच करने लगता है.

तांबे के लोटे से अर्घ्य देने के सही नियम

सूर्य देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है उन्हें नियमित रूप से अर्घ्य देना. गलत तरीके से दिया गया अर्घ्य लाभ की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए इन नियमों का पालन जरूर करें:

  • सही समय: सूर्योदय के समय (एक घंटे के भीतर) अर्घ्य देना सबसे उत्तम माना जाता है. इस समय की किरणें स्वास्थ्य के लिए भी वरदान होती हैं.
  • पात्र का चुनाव: अर्घ्य हमेशा तांबे के लोटे से ही दें. भूलकर भी कांच, प्लास्टिक या स्टील के बर्तनों का उपयोग न करें.
  • अर्घ्य की विधि: लोटे को दोनों हाथों से पकड़कर अपने सिर या माथे के स्तर तक उठाएं. जल चढ़ाते समय आपकी नजर गिरते हुए जल की धार से आ रही सूर्य की किरणों पर होनी चाहिए.
  • पैरों पर न गिरे पानी: ध्यान रखें कि चढ़ाया गया जल आपके पैरों पर न पड़े. इसके लिए आप नीचे कोई गमला, थाली या पवित्र बर्तन रख सकते हैं. बाद में उस जल को किसी पौधे की जड़ में डाल दें.
  • मंत्र जाप: जल अर्पित करते समय ॐ सूर्याय नमः या गायत्री मंत्र का जाप करें.

सूर्य को मजबूत करने के 7 आसान उपाय

अगर आप भी सूर्य दोष से परेशान हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के ये 7 उपाय आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं:

माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान: सूर्य पिता के कारक हैं. इसलिए रोजाना अपने पिता, गुरु और बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें.

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: रविवार के दिन या नियमित रूप से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं.

रविवार का व्रत: सूर्य देव की कृपा पाने के लिए रविवार का व्रत रखें. इस दिन नमक का सेवन करने से बचें और मीठा भोजन करें.

तांबे की अंगूठी धारण करें: दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (Ring Finger) में तांबे की अंगूठी पहनने से सूर्य का सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है.

दान पुण्य करें: रविवार के दिन जरूरतमंदों को गेहूं, तांबा, गुड़, लाल कपड़े या रूबी रत्न का दान करना शुभ माना जाता है.

गाय को रोटी खिलाएं: रोजाना या हर रविवार को गेहूं की बनी रोटी में गुड़ रखकर गाय को खिलाएं.

पूर्व दिशा को साफ रखें: अपने घर की पूर्व दिशा (East) को हमेशा साफ-सुथरा और खुला रखें, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके.

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