वर्दी का रौब और शराब के नशे में धुत एक दरोगा ने आर्मी के जवान पर फायरिंग कर दी. इस फायरिंग में जवान घायल हो गए. मामला वैशाली जिले के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 का है. घायल आर्मी मैन मदद करने के लिए पहुंचे थे लेकिन उन्हीं पर दरोगा ने फायरिंग कर दी. आंख पर बारूद लगने से आर्मी जवान घायल हो गए. दरअसल, सोमवार की सुबह भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित बांथू गांव के पास पुलिस का स्टीकर लगी एक गाड़ी सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त होकर गड्ढे में फंस गई. इसके बाद गाड़ी में सवार एक व्यक्ति ने मदद के लिए सड़क किनारे स्थित एक घर का दरवाजा खटखटाया.
घरवालों ने मदद भी की, लेकिन इसके बाद नशे में धुत व्यक्ति खुद को दरोगा बताते हुए गाली-गलौज करने लगा. इसका विरोध जब आर्मी जवान रजनीश कुमार ने किया, तब नशे में धुत दरोगा ने आर्मी जवान पर नजदीक से गोली चला दी, जिससे उसकी आंख के पास बारूद लगने से चोट लग गई.
दरोगा को उठा ले गई पुलिसइसके बाद लोगों ने घटना की जानकारी भगवानपुर थाना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी से दरोगा की सर्विस रिवॉल्वर और एक गोली का खोखा बरामद किया तथा आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. पुलिस ने सर्विस रिवाल्वर, एक खोखा और गाड़ी से एक शराब की बोतल बरामद की है.
घटना के विषय में सदर एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल ने बताया कि शराब के नशे में धुत एक दरोगा ने आर्मी जवान रजनीश कुमार का गला पकड़कर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया, जिससे उनकी आंख के पास चोट लग गई. वह इलाज कराने चले गए हैं. स्थानीय लोगों की मदद से दरोगा का पिस्टल छीन लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया.
शराबबंदी वाले बिहार में पुलिस ही…घटनास्थल से फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल का एक खोखा और मैगजीन भी बरामद की गई है. सत्यापन करने पर पता चला कि आरोपी का नाम दीपक कुमार है, जो जहानाबाद के रहने वाले हैं और अररिया जिले के फारबिसगंज थाना में एएसआई के पद पर तैनात हैं. एएसआई को पकड़कर थाने लाया गया है. घटनास्थल पर एफएसएल की टीम जांच कर रही है. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि शराबबंदी वाले बिहार में, जहां शराबबंदी कानून की रक्षा करना पुलिस का कर्तव्य है, वहीं पुलिसकर्मी अपनी हरकतों से न सिर्फ शराबबंदी कानून का मजाक बना रहे हैं, बल्कि पुलिस की वर्दी को भी शर्मसार कर रहे हैं.